Heart Attack Risk: Heart Attack का खतरा हो सकता है Normal Blood Pressure और Cholesterol के बावजूद
Heart Attack Risk: अक्सर हम सोचते हैं कि अगर ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल सामान्य हैं तो हमारा दिल पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी के अनुसार, हार्ट अटैक केवल बीपी और कोलेस्ट्रॉल पर निर्भर नहीं करता। शरीर में छिपी अन्य समस्याएं और जीवनशैली से जुड़े जोखिम भी अचानक हार्ट अटैक का कारण बन सकते हैं।

शरीर में छिपी सूजन (Inflammation)
डॉक्टर सोलंकी का कहना है कि शरीर में सूजन (Inflammation) हार्ट अटैक का एक बड़ा कारण हो सकती है। जब खून में होमोसिस्टीन का स्तर बढ़ता है, तो यह धमनियों में प्लाक को अस्थिर कर देता है। अस्थिर प्लाक कभी भी फट सकता है और अचानक हार्ट अटैक का कारण बन सकता है। इसलिए केवल ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है।
इंसुलिन रेजिस्टेंस और पेट की चर्बी
इंसुलिन रेजिस्टेंस और पेट की अतिरिक्त चर्बी (Belly Fat) भी हृदय स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं। भले ही ब्लड शुगर और HbA1c नॉर्मल हों, लेकिन इंसुलिन रेजिस्टेंस धमनियों को अंदर से नुकसान पहुंचा सकती है। पेट की चर्बी हार्ट अटैक के जोखिम को कई गुना बढ़ा देती है।
स्मॉल डेंस LDL कोलेस्ट्रॉल
अक्सर सामान्य कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट में ‘स्मॉल डेंस LDL’ का पता नहीं चलता। ये छोटे, घने कण धमनियों की दीवारों में जमकर प्लाक बनाते हैं। अत्यधिक तनाव या जीवनशैली की वजह से ये प्लाक अचानक ब्लॉक हो सकते हैं और हार्ट अटैक का कारण बन सकते हैं।
पाचन तंत्र और मानसिक स्वास्थ्य
आंतों की समस्याएं, जैसे बार-बार ब्लोटिंग या अपच, हृदय रोग से जुड़ी हो सकती हैं। इसके अलावा, लगातार तनाव, गुस्सा और नींद की कमी भी हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ाते हैं। नींद की कमी और उच्च तनाव सीधे धमनियों और दिल की धड़कन पर असर डालते हैं।
जीवनशैली पर ध्यान दें
हार्ट अटैक से बचाव केवल ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने तक सीमित नहीं है। डॉक्टर सोलंकी सलाह देती हैं कि मेटाबॉलिक हेल्थ, सूजन (Inflammation) और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। पर्याप्त नींद लें, तनाव कम करें और पेट की सेहत का ध्यान रखें। याद रखें, आपका दिल आपकी पूरी जीवनशैली का प्रतिबिंब है।



