Gujarati Khatti Meethi Dal Recipe: गुजराती स्टाइल खट्टी-मीठी दाल, घर पर बनने वाला पारंपरिक स्वाद
Gujarati Khatti Meethi Dal Recipe: हर रोज एक जैसी दाल खाने से बोरियत होना स्वाभाविक है, ऐसे में स्वाद में हल्का परिवर्तन (Slight change in taste) करने के लिए गुजराती स्टाइल खट्टी-मीठी दाल एक बेहतरीन विकल्प बन सकती है। यह दाल अपने खट्टे और मीठे स्वाद की वजह से सामान्य दालों से बिल्कुल अलग लगती है। इसमें गुड़ की हल्की मिठास और मसालों का संतुलन इसे खास बनाता है। चाहे नाश्ता हो, दोपहर का भोजन या रात का खाना, यह दाल हर मौके पर आसानी से तैयार की जा सकती है और सभी को पसंद भी आती है।

आवश्यक सामग्री
गुजराती खट्टी-मीठी दाल ( sweet and sour lentils) बनाने के लिए मुख्य तौर पर तुअर दाल का इस्तेमाल किया जाता है। एक कप दाल को धोकर कुछ देर के लिए पानी में भिगो दें ताकि यह आसानी से पक जाए। इसके साथ टमाटर, हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, नमक, अदरक, गुड़ और कुछ साबुत मसालों की जरूरत होती है। तड़के के लिए जीरा, राई, करी पत्ता, साबुत लाल मिर्च और हींग का उपयोग स्वाद और सुगंध के लिए किया जाता है।
दाल पकाने की प्रक्रिया
दाल को कुकर में डालकर उसमें दोगुना पानी मिलाएं और मध्यम आंच पर 2 से 3 सीटी आने तक पकाएं। दाल को अधिक पकाने से उसका स्वाद और टेक्सचर बिगड़ सकता है, इसलिए पकने पर तुरंत (Immediately) ढक्कन खोलकर जांच लें। जैसे ही दाल अच्छी तरह उबल जाए, उसमें कटे हुए टमाटर, अदरक, गुड़ और बाकी मसाले डालकर थोड़ी देर पकाएं। गुड़ पिघल कर दाल में हल्की मिठास घोल देता है, जिससे इसका स्वाद संतुलित और मनभावन हो जाता है।
तड़का तैयार करना
गुजराती दाल की खासियत इसका खुशबूदार (Its specialty is aromatic) तड़का है। एक छोटी पैन में तेल गर्म करें और उसमें जीरा, राई, करी पत्ता, हींग और साबुत लाल मिर्च डालें। मसालों के हल्के चटकने के बाद तड़का अच्छी तरह तैयार हो जाता है। इस तड़के को उबलती दाल में डाल दें और कुछ मिनट मध्यम आंच पर पकने दें ताकि तड़के का पूरा स्वाद दाल में घुल जाए।
दाल का अंतिम स्वाद और परोसना
दाल पकने के बाद इसमें बारीक कटा हरा धनिया मिलाएं, जिससे यह और भी ताज़ा और सुगंधित (fragrant) लगती है। यह दाल रोटी, चावल या खिचड़ी के साथ बहुत स्वादिष्ट लगती है। इसका खट्टा-मीठा स्वाद (sweet and sour taste) बच्चों और बड़ों, दोनों को पसंद आता है। किसी भी दिन जब भोजन में थोड़ी अलग खुशबू और स्वाद चाहिए हो, तो यह दाल एक आदर्श विकल्प बन जाती है।
महत्वपूर्ण सुझाव
इस दाल की खासियत तब और बढ़ जाती है जब इसे सही गाढ़ापन में पकाया जाए। दाल न ज्यादा गाढ़ी होनी चाहिए और न बहुत पतली। गुड़ की मात्रा स्वाद के अनुसार कम-ज्यादा की जा सकती है, लेकिन संतुलित मात्रा (balanced amount) ही दाल के वास्तविक स्वाद को बनाए रखती है। इसके साथ ताजे मसालों का उपयोग करने से दाल का स्वाद और भी निखरकर सामने आता है।



