उत्तर प्रदेश

Meerut School Holiday: मेरठ में जम गया सब कुछ, डीएम ने स्कूलों पर लगवा दिया ताला

Meerut School Holiday: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। हाड़ कपाने वाली ठंड और घने कोहरे को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर एक सख्त और बड़ा फैसला लिया है। (District Administration Safety Guidelines) के तहत अब मेरठ के सभी स्कूलों में प्री-नर्सरी से लेकर कक्षा 9वीं तक की छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। यह आदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई, आईसीएसई, संस्कृत शिक्षा बोर्ड और मदरसा बोर्ड समेत सभी बोर्ड के स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।

Meerut School Holiday
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13 और 14 जनवरी तक बंद रहेंगी छोटे बच्चों की कक्षाएं

प्रशासन द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, कक्षा 9 तक के बच्चों के लिए 13 और 14 जनवरी तक स्कूल पूरी तरह बंद रहेंगे। हालांकि, (School Closing Order for Primary Classes) का यह नियम बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बड़े छात्रों पर थोड़ा लचीला रखा गया है। कक्षा 10 से लेकर 12वीं तक के छात्रों के लिए स्कूल खुलेंगे, लेकिन उनके समय में बदलाव किया गया है। इन छात्रों के लिए स्कूल सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित किए जाएंगे, ताकि सुबह की भीषण ठंड से उन्हें बचाया जा सके।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होंगी परीक्षाएं

डीएम ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों में परीक्षाएं पहले से निर्धारित हैं, वे अपने तय समय पर ही होंगी। (Examination Schedule and Cold Wave) के बीच यह सुनिश्चित किया गया है कि छात्रों का शैक्षणिक नुकसान न हो, लेकिन स्वास्थ्य के साथ भी कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधकों को चेतावनी दी है कि वे इस आदेश का अक्षरश: पालन सुनिश्चित करें। किसी भी लापरवाही की स्थिति में संबंधित स्कूल के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

कोहरे के कारण सड़कों पर रेंग रहे वाहन और शून्य दृश्यता

मेरठ और आसपास के इलाकों में रात के समय कोहरा इतना घना हो रहा है कि हाथ को हाथ सुझाई नहीं दे रहा। देर रात से ही (Dense Fog and Visibility Impact) के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर विजिबिलिटी बेहद कम होने से वाहन रेंग-रेंग कर चलने को मजबूर हैं। कोहरे की इस मोटी चादर ने न केवल सड़क यातायात बल्कि रेल और बस सेवाओं को भी बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे यात्रियों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है।

न्यूनतम तापमान ने तोड़ा रिकॉर्ड और बढ़ी ठिठुरन

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इन दिनों बर्फीली हवाएं चल रही हैं, जिससे रात और दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मेरठ में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है, जबकि (Minimum Temperature in West UP) के आंकड़ों ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है। दिन का अधिकतम तापमान भी 19.1 डिग्री के आसपास बना हुआ है। सर्द हवाओं ने ठिठुरन को इस कदर बढ़ा दिया है कि आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

मजदूरी करने वालों और बेघरों पर टूटा दुखों का पहाड़

भीषण सर्दी का सबसे दर्दनाक असर समाज के उस तबके पर पड़ रहा है जो खुले में काम करने को मजबूर हैं। (Vulnerable Groups and Cold Protection) के संकट को झेल रहे रिक्शा चालक, ठेले वाले और दिहाड़ी मजदूरों के लिए यह मौसम किसी परीक्षा से कम नहीं है। रात के समय लोग सड़कों के किनारे अलाव जलाकर खुद को गर्म रखने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन ने नगर निगम को प्रमुख चौराहों पर अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बेसहारा लोगों को कुछ राहत मिल सके।

बरेली और मुजफ्फरनगर में भी ठंड का जबरदस्त वार

सिर्फ मेरठ ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शीत लहर ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बरेली में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री और मुजफ्फरनगर में 3.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। (Cold Wave Conditions in Uttar Pradesh) अब तराई क्षेत्रों में भी अपना असर दिखा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 48 घंटों के दौरान तापमान में किसी बड़े सुधार की गुंजाइश नहीं है, बल्कि रात के समय पाला पड़ने की भी प्रबल संभावना है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर और मौसम विभाग का पूर्वानुमान

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के गुजर जाने के बाद हवा की दिशा बदल गई है। अब उत्तरी-पश्चिमी हवाएं सीधे पहाड़ों से मैदानी इलाकों की ओर आ रही हैं। (Weather Forecast and Western Disturbance) के प्रभाव के कारण बीते 24 घंटों में तापमान में 1 से 3 डिग्री की कमी आई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि दोपहर के समय आसमान साफ होने और धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन सुबह और रात का वक्त काफी चुनौतीपूर्ण बना रहेगा।

अभिभावकों से बच्चों की विशेष देखभाल की अपील

प्रशासन ने स्कूल बंद करने के साथ-साथ अभिभावकों से भी अपील की है कि वे इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें। (Parental Care during Winter) को लेकर डॉक्टरों का कहना है कि ठंडी हवाओं के कारण बच्चों में निमोनिया और सर्दी-खांसी का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों को पूरी तरह से गर्म कपड़ों में ढंक कर रखें और उन्हें गुनगुना पानी ही पीने को दें। जब तक बहुत जरूरी न हो, बच्चों को सुबह और शाम के समय घर से बाहर न निकलने दें।

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