उत्तर प्रदेश

Jhansi Female Auto Driver Murder Case Update: क्या मौत की साजिश ही प्यार का आखिरी तोहफा थी, बाहर आया झांसी की जांबाज ‘ऑटोवाली’ के कत्ल का खौफनाक सच

Jhansi Female Auto Driver Murder Case Update: झांसी की सड़कों पर साहस की मिसाल पेश करने वाली पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी की खामोश मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। शुरुआती जांच में जिसे एक सामान्य सड़क हादसा (Crime Investigation Process) मानकर नजरअंदाज किया जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी साजिश और बेइंतहा नफरत का नतीजा निकला। रविवार और सोमवार की उस काली रात ने एक कामकाजी महिला के संघर्षपूर्ण जीवन का अंत कर दिया, लेकिन पुलिस की सक्रियता ने अब इस मामले की परतों को खोलकर रख दिया है।

Jhansi Female Auto Driver Murder Case Update
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली जांच की पूरी दिशा

अनीता की मौत के बाद जब सुकुवां-ढुकवां कॉलोनी के पास उनका शव मिला, तो शरीर की चोटों को देखकर एक्सीडेंट का अंदेशा जताया गया था। हालांकि, जब डॉक्टरों की टीम ने (Post Mortem Report Analysis) तैयार की, तो वैज्ञानिक साक्ष्यों ने सबको चौंका दिया। रिपोर्ट में साफ हुआ कि अनीता को बेहद करीब से कनपटी पर गोली मारी गई थी, जो उनके गले में जाकर फंस गई थी। यही वजह थी कि बाहर से कोई बड़ा जख्म नजर नहीं आ रहा था और मामला कत्ल की जगह हादसा प्रतीत हो रहा था।

25 हजार का इनामी और बेतवा नदी का वह ‘नाटक’

हत्याकांड का मुख्य आरोपी मुकेश झा शातिर अपराधी की तरह पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। उसने अपनी गिरफ्तारी टालने के लिए बरुआसागर थाना क्षेत्र के नोटघाट पुल पर अपनी कार लावारिस छोड़ दी, ताकि पुलिस (Criminal Psychology and Tactics) को यह लगे कि उसने नदी में कूदकर जान दे दी है। पुलिस ने कई घंटों तक गोताखोरों की मदद से बेतवा नदी की लहरों में उसे तलाशा, लेकिन यह केवल पुलिस को गुमराह करने का एक सुनियोजित ड्रामा मात्र था।

आधी रात को गूंजी गोलियां और आरोपी का अंत

झांसी पुलिस और स्वात टीम लगातार आरोपी की घेराबंदी कर रही थी, जिसके बाद मुख्य आरोपी मुकेश झा को एक मुठभेड़ के दौरान धर दबोचा गया। पुलिस के साथ हुए इस (Police Encounter in Jhansi) के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश में फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। पैर में गोली लगने के बाद 25 हजार के इनामी मुकेश को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके पास से वारदात में इस्तेमाल अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद कर लिए गए।

सात साल का साथ और एनिवर्सरी की खूनी रात

अनीता और मुकेश के बीच पिछले 6-7 सालों से गहरा संबंध था, लेकिन हाल के दिनों में उनके रिश्तों में कड़वाहट आ गई थी। जांच में यह दिल दहला देने वाली बात सामने आई कि मुकेश ने (Relationship Conflict and Revenge) के चलते इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए उनकी एनिवर्सरी की रात को ही चुना। प्यार में मिले धोखे के अहसास ने उसे इस कदर अंधा कर दिया कि उसने उस महिला की जान ले ली, जिसे वह कभी अपना सबसे करीबी मानता था।

साजिश में अपनों का साथ और कानूनी शिकंजा

अनीता की हत्या कोई आकस्मिक घटना नहीं थी, बल्कि इसमें मुकेश का पूरा परिवार शामिल था। एसएसपी झांसी के निर्देशानुसार हुई कार्रवाई में यह स्पष्ट हुआ कि मुकेश ने अपने बेटे शिवम और बहनोई मनोज के साथ मिलकर (Planned Murder Conspiracy) को अंजाम दिया था। पुलिस ने शिवम और मनोज को पहले ही जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया था और अब मुख्य आरोपी के पकड़े जाने के बाद न्याय की उम्मीद और बढ़ गई है।

सुरक्षा व्यवस्था और झांसी पुलिस की बड़ी कामयाबी

इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए पुलिस की कई टीमें दिन-रात एक कर रही थीं। आरोपी का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसके स्वस्थ होते ही उसे कड़ी (Legal Action and Justice) के दायरे में लाया जाएगा। झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर के साहस को इस तरह कुचलने वाले अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाकर पुलिस ने कानून व्यवस्था पर जनता का भरोसा फिर से बहाल किया है।

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