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Mumbai Kurla Murder Case Update: कुर्ला में 5 महीने पहले गायब हुए युवक की हत्या को लेकर हुआ सनसनीखेज खुलासा

Mumbai Kurla Murder Case Update: मुंबई के कुर्ला इलाके में पिछले पांच महीनों से लापता 20 वर्षीय युवक राहुल कुमार योगेंद्र प्रसाद के मामले में पुलिस ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिसे परिवार एक सामान्य गुमशुदगी समझ रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी साजिश और नृशंस हत्या (unsolved missing person case Mumbai) का मामला निकला। पैसों के लालच और ऑनलाइन गेमिंग की लत ने एक दोस्त को ही कातिल बना दिया। विनोबा भावे नगर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी अंकित साहू को दबोच लिया है।

Mumbai Kurla Murder Case Update
Mumbai Kurla Murder Case Update

बनियान और तौलिया पहनकर निकला था राहुल

घटना की शुरुआत 24 जुलाई 2025 को हुई थी, जब राहुल कुमार कुर्ला पश्चिम के क्रांति नगर स्थित अपने घर से महज एक बनियान और तौलिया पहनकर निकला था। परिवार को लगा कि वह आसपास ही कहीं गया है, लेकिन जब वह घंटों तक नहीं लौटा, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। (Kurla youth disappearance timeline) को लेकर पुलिस ने सघन तलाशी अभियान चलाया था, लेकिन महीनों तक राहुल का कोई सुराग नहीं मिल सका। हार मानकर पुलिस ने इसे ठंडे बस्ते में डालने के बजाय एक विशेष टीम का गठन किया।

पीएफ (PF) के पैसों पर कातिल की गंदी नजर

जांच में यह बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई कि हत्या की जड़ में राहुल के प्रोविडेंट फंड (PF) के पैसे थे। राहुल को मोबाइल बैंकिंग की ज्यादा समझ नहीं थी, इसलिए उसने ऑनलाइन पैसे निकालने के लिए अपने परिचित अंकित साहू की मदद ली थी। (financial fraud in friendship) का फायदा उठाते हुए अंकित ने राहुल के अकाउंट की सारी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। अंकित की मां भी उसी कंपनी में काम करती थी जहां राहुल कार्यरत था, जिसके कारण दोनों परिवारों के बीच गहरा विश्वास था।

सट्टेबाजी और ऑनलाइन गेमिंग की जानलेवा लत

आरोपी अंकित साहू को मोबाइल एप्स पर ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी की बुरी लत थी। राहुल के अकाउंट तक पहुंच मिलते ही उसने धोखाधड़ी शुरू कर दी। (online gaming addiction consequences) के चलते अंकित ने राहुल के खाते से करीब 30 हजार रुपये निकाल लिए और सट्टे में हार गया। जब राहुल को अपने पैसों के गबन का पता चला, तो उसने अंकित पर दबाव बनाना शुरू किया और उसकी मां को सच बताने की धमकी दी। यही धमकी राहुल की मौत का फरमान बन गई।

मीठी नदी के किनारे रची गई खौफनाक साजिश

24 जुलाई को अंकित ने राहुल को बहाने से क्रांति नगर के पास एयरपोर्ट की बाउंड्रीवॉल के पास मीठी नदी के किनारे बुलाया। दोनों वहां एक दीवार पर बैठकर बातें कर रहे थे। (premeditated murder near Mithi River) के अनुसार, राहुल जैसे ही ऊपर से गुजरते हुए हवाई जहाज को देखने के लिए खड़ा हुआ, अंकित ने पीछे से उसे जोर का धक्का दे दिया। राहुल सीधे उफनती मीठी नदी में जा गिरा और गहरे पानी में समा गया। अंकित उसका मोबाइल लेकर वहां से चुपचाप फरार हो गया ताकि किसी को शक न हो।

कॉल डिटेल्स (CDR) ने खोली कातिल की पोल

विनोबा भावे नगर पुलिस के पीएसआई शिवाजी तायडे और उनकी विशेष टीम ने जब राहुल के मोबाइल फोन की लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का विश्लेषण किया, तो शक की सुई अंकित पर जा टिकी। (technical investigation in murder cases) से यह साफ हो गया कि गायब होने वाले दिन राहुल और अंकित एक ही जगह पर मौजूद थे। शुरुआत में अंकित ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी सबूत सामने रखे, तो वह टूट गया और अपना जुर्म कुबूल कर लिया।

एयरपोर्ट की दीवार और ‘मौत’ का वो मंजर

अंकित ने पूछताछ में बताया कि उसे डर था कि अगर राहुल ने उसकी मां को सट्टेबाजी की बात बता दी, तो उसका घर में रहना मुश्किल हो जाएगा। (criminal psychology behind murder) का विश्लेषण करते हुए पुलिस ने बताया कि आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम दिया। उसने राहुल का मोबाइल इसलिए चुराया ताकि पुलिस को लोकेशन न मिल सके और मामला एक साधारण दुर्घटना या गुमशुदगी का लगे। 5 महीने तक वह पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा।

मीठी नदी में शव की तलाश जारी

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती राहुल के अवशेषों को बरामद करना है। (Mithi River search operation) शुरू कर दिया गया है, लेकिन घटना को पांच महीने बीत जाने और मानसून के दौरान नदी के तेज बहाव के कारण शव मिलना काफी मुश्किल हो गया है। पुलिस गोताखोरों की मदद से उस विशेष स्थान की जांच कर रही है जहां अंकित ने राहुल को धक्का देने का दावा किया है।

युवाओं में बढ़ता ऑनलाइन सट्टेबाजी का ट्रेंड

यह मामला समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि कैसे ऑनलाइन गेमिंग और सट्टा युवाओं को अपराधी बना रहा है। (risks of online betting apps) के कारण आज के युवा कर्ज और चोरी के दलदल में फंस रहे हैं। राहुल की हत्या केवल पैसों का विवाद नहीं थी, बल्कि एक ऐसी लत का परिणाम थी जिसने नैतिक मूल्यों को खत्म कर दिया। पुलिस ने अपील की है कि लोग अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ भी साझा न करें, चाहे वह कितना भी करीबी क्यों न हो।

निष्कर्ष: न्याय की गुहार लगाता परिवार

राहुल के परिवार के लिए यह खबर किसी वज्रपात से कम नहीं है। 5 महीने तक जिस बेटे के लौटने की उम्मीद वे लगाए बैठे थे, उसका ऐसा अंत होगा यह किसी ने नहीं सोचा था। (justice for Rahul Kumar Prasad) की मांग करते हुए परिजनों ने आरोपी के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। विनोबा भावे नगर पुलिस ने हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी प्रक्रिया को तेज कर दिया है।

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