Uttar Pradesh Industrial Growth: योगी के ‘रामराज्य’ में उत्तर प्रदेश की दहाड़, दंगों के दाग धुलकर बना निवेश का स्वर्ग
Uttar Pradesh Industrial Growth: उत्तर प्रदेश की धरती ने पिछले कुछ वर्षों में एक ऐसा बदलाव देखा है जिसकी कल्पना करना कभी नामुमकिन लगता था। केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान भावुक होते हुए कहा कि जिस प्रदेश को कभी अराजकता और असुरक्षा का पर्याय माना जाता था, आज वही राज्य (Yogi Adityanath leadership) के कुशल मार्गदर्शन में प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यह केवल सत्ता का परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के 25 करोड़ लोगों के सम्मान और उनके सुरक्षित भविष्य की पुनस्र्थापना है।

बीमारू राज्य के ठप्पे से मिली बड़ी आजादी
एक समय था जब उत्तर प्रदेश को देश के विकास में बाधक माना जाता था और इसे ‘बीमारू’ राज्यों की श्रेणी में रखा जाता था। राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि अब यह पुरानी बात हो चुकी है और यूपी देश की अर्थव्यवस्था का इंजन बन चुका है। अब प्रदेश (Economic Transformation) के पथ पर इतनी तेजी से दौड़ रहा है कि अन्य राज्यों के लिए यह एक अध्ययन का विषय बन गया है। आज का उत्तर प्रदेश पिछलग्गू नहीं, बल्कि देश को आगे ले जाने वाला एक अग्रणी सारथी बनकर उभरा है।
लखनऊ की धरती पर ईवी क्रांति का आगाज
राजधानी लखनऊ के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा जब अशोक लीलैंड के इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन किया गया। इस संयंत्र की स्थापना को प्रदेश के औद्योगिक इतिहास में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। रक्षामंत्री ने जोर देकर कहा कि यह (Electric Vehicle manufacturing) इकाई न केवल प्रदूषण को कम करने में सहायक होगी, बल्कि राज्य के औद्योगीकरण के सपने को हकीकत में बदलने के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
कानून व्यवस्था बनी उद्योगों के लिए संजीवनी
किसी भी राज्य में निवेश तभी आता है जब वहां की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद हो। राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति ने अपराधियों के मन में भय और निवेशकों के मन में विश्वास पैदा किया है। खराब (Law and Order improvement) की छवि को पीछे छोड़कर अब यूपी एक ऐसे सुरक्षित हब के रूप में जाना जा रहा है जहां उद्योगपति बिना किसी डर के अपनी पूंजी लगा रहे हैं और कारखाने स्थापित कर रहे हैं।
लखनऊ से रक्षामंत्री का अटूट और गहरा रिश्ता
लखनऊ के सांसद होने के नाते राजनाथ सिंह का इस शहर से लगाव जगजाहिर है, लेकिन उन्होंने अपने संबोधन में एक नई बात कही। उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि यदि वह यहां के प्रतिनिधि न भी होते, तब भी लखनऊ के प्रति उनका प्रेम कम नहीं होता। इस शहर की तहजीब और अब यहां (Urban Infrastructure development) में हो रहा विस्तार हर किसी को आकर्षित करता है। विकास की इस धारा ने लखनऊ को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाई है।
युवाओं के सपनों को पंख और घर में रोजगार
जब निवेश आता है, तो वह अपने साथ खुशहाली और अवसर लेकर आता है। रक्षामंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर हो रहे औद्योगीकरण का सबसे बड़ा लाभ यहां के प्रतिभावान युवाओं को मिलेगा। अब प्रदेश के बेटों को नौकरी की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि (Employment Opportunities) अब उनके अपने घर और अपने शहर में ही उपलब्ध हो रहे हैं। यह आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में सबसे बड़ा कदम है।
यूपी की मिट्टी में बन रही ब्रह्मोस मिसाइल
रक्षा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का योगदान अब दुनिया देख रही है। राजनाथ सिंह ने गर्व के साथ साझा किया कि अब यूपी की सीमाओं के भीतर ब्रह्मोस जैसी घातक मिसाइलों का निर्माण किया जा रहा है। भारत अब रक्षा जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहने वाला कमजोर राष्ट्र नहीं है, बल्कि (Defense Production hub) के रूप में अपनी ताकत दिखा रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश के डिफेंस कॉरिडोर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो देश की सीमाओं को और अधिक सुरक्षित बना रहा है।
रेटिंग में ‘एक्सीलेंट’ और भविष्य में महाशक्ति
योगी सरकार के कामकाज का आकलन करते हुए रक्षामंत्री ने इसे सर्वश्रेष्ठ बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है, उससे प्रदेश की रेटिंग को बिना किसी संकोच के ‘एक्सीलेंट’ कहा जा सकता है। आज का (Uttar Pradesh Governance) मॉडल सुशासन की एक ऐसी मिसाल पेश कर रहा है, जो यह सुनिश्चित करता है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उत्तर प्रदेश अब रुकने वाला नहीं है, यह भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में सबसे बड़ा योगदान देने जा रहा है



