Jan Nayagan Censor Controversy 2026: ‘जन नायकन’ की रिलीज पर सेंसर ने बोला ‘कट’, राजनीति की राह में रोड़ा बनी आखिरी फिल्म…
Jan Nayagan Censor Controversy 2026: तमिल सुपरस्टार थलापति विजय के करोड़ों प्रशंसकों के लिए 9 जनवरी का दिन किसी उत्सव से कम नहीं होने वाला था, लेकिन ऐन वक्त पर फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज टलने की खबर ने सबको मायूस कर दिया है। यह फिल्म विजय के फिल्मी करियर की आखिरी फिल्म मानी जा रही है, जिसके बाद वह अपनी राजनीतिक पार्टी ‘तमिझगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के जरिए जनसेवा के मैदान में पूरी तरह उतरने वाले हैं। हालांकि, (Thalapathy Vijay Farewell Movie Status) को लेकर उपजे विवाद ने न केवल बॉक्स ऑफिस के गणित को बिगाड़ दिया है, बल्कि इसे एक राजनीतिक साजिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

सेंसर बोर्ड की कैंची और 27 कट्स का विवाद
फिल्म की रिलीज में सबसे बड़ी बाधा सेंसर बोर्ड की ओर से आई है। 18 दिसंबर को जब फिल्म स्क्रीनिंग के लिए भेजी गई, तो जांच समिति ने कई दृश्यों पर आपत्ति जताई। फिल्म की गति और कहानी को बचाने के लिए मेकर्स (Censor Board Modifications for Jan Nayagan) के तहत 27 कट्स लगाने पर सहमत हो गए। कट्स के बाद दोबारा फिल्म दिखाई गई और उसे ‘U/A 16+’ सर्टिफिकेट देने की सहमति बनी, लेकिन इसके बावजूद अंतिम प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया। प्रक्रिया में हुई इस देरी ने फिल्म के भविष्य पर काले बादल मंडरा दिए हैं।
अल्पसंख्यक भावनाओं और सेना के चित्रण पर आपत्ति
विवाद की जड़ में केवल तकनीकी कट्स नहीं, बल्कि कुछ संवेदनशील मुद्दे भी शामिल हैं। सेंसर बोर्ड के पास पहुंची एक शिकायत में आरोप लगाया गया कि फिल्म में (Minority Sentiments Controversy in Film) और सशस्त्र बलों के चित्रण को लेकर कुछ आपत्तिजनक बातें हैं। बोर्ड ने दलील दी कि इसी शिकायत की वजह से फिल्म को रिव्यू कमेटी के पास भेजना पड़ा। वहीं, मेकर्स का कहना है कि वे पहले ही सुझाए गए बदलाव कर चुके हैं, फिर भी एक सदस्य की व्यक्तिगत शिकायत के आधार पर पूरी फिल्म को रोकना मनमाना और अनुचित फैसला है।
मद्रास हाई कोर्ट की चौखट पर पहुंचा 500 करोड़ का मामला
सेंसर बोर्ड की चुप्पी और देरी से परेशान होकर केवीएन (KVN) प्रोडक्शन हाउस ने मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मेकर्स ने अपनी याचिका में दलील दी कि फिल्म पर (Financial Loss in Film Delay) लगभग 500 करोड़ रुपये दांव पर लगे हैं। एडवांस बुकिंग के जरिए करोड़ों के टिकट पहले ही बिक चुके थे। कोर्ट में बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान जज ने संकेत दिया कि आदेश 9 जनवरी को ही सुनाया जा सकता है, जिसके कारण उसी दिन फिल्म रिलीज करना संभव नहीं रह गया। अब फिल्म का भविष्य पूरी तरह से अदालती फैसले पर टिका है।
थलापति विजय के समर्थन में साउथ इंडस्ट्री का एकजुट होना
फिल्म ‘जन नायकन’ के साथ हो रहे इस व्यवहार के खिलाफ दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग के दिग्गज कलाकार और निर्देशक एकजुट हो गए हैं। रवि मोहन, वेंकट प्रभु और (South Actors Support for Vijay) जैसे बड़े नामों ने विजय के समर्थन में सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया है। निर्देशकों का कहना है कि किसी कलाकार की आखिरी फिल्म को इस तरह कानूनी और प्रशासनिक उलझनों में फंसाना रचनात्मक आजादी पर हमला है। प्रशंसकों ने तो विजय के समर्थन में रैलियां तक निकालने का मन बना लिया है।
केवीएन प्रोडक्शंस का भावुक बयान: ‘भारी मन से लिया फैसला’
रिलीज टलने की आधिकारिक पुष्टि करते हुए प्रोडक्शन हाउस ने बुधवार रात एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि (KVN Productions Official Statement) के मुताबिक फिल्म को टालना उनकी मजबूरी है क्योंकि स्थितियां उनके नियंत्रण से बाहर हो गई हैं। मेकर्स ने प्रशंसकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की और कहा कि नई रिलीज डेट की घोषणा जल्द ही की जाएगी। इस बयान के बाद थिएटर्स में एडवांस बुकिंग करवा चुके हजारों फैंस को रिफंड और नई तारीख को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।
राजनीतिक साजिश या कानूनी प्रक्रिया? बहस तेज
विजय की फिल्म के फंसने को उनकी राजनीतिक एंट्री से जोड़कर भी देखा जा रहा है। उनके समर्थकों का दावा है कि (Political Conspiracy vs Legal Process) के इस खेल में विजय की बढ़ती लोकप्रियता को रोकने की कोशिश की जा रही है। वहीं, सेंसर बोर्ड अपनी वैधानिक शक्तियों का हवाला देते हुए इसे एक सामान्य प्रक्रिया बता रहा है। यह विवाद अब केवल एक फिल्म की रिलीज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति और सिनेमा के आपसी टकराव का एक बड़ा उदाहरण बन गया है।
प्रशंसकों का लंबा इंतजार और ‘जन नायकन’ का भविष्य
थलापति विजय के लिए ‘जन नायकन’ महज एक फिल्म नहीं, बल्कि उनके प्रशंसकों के लिए एक विदाई उपहार है। (Fan Expectations for Jan Nayagan) इतनी अधिक है कि इसके टिकटों की मांग रिकॉर्ड तोड़ स्तर पर थी। अब सबकी निगाहें 9 जनवरी को आने वाले हाई कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। यदि कोर्ट से हरी झंडी मिलती है, तो फिल्म अगले सप्ताह या पोंगल के मौके पर बड़े पर्दे पर धमाका कर सकती है। फिलहाल, विजय के ‘जन नायक’ बनने का सफर सिनेमाई पर्दे पर थोड़ा और लंबा खिंच गया है।



