Python Rescue Vaidali: 16 फीट लंबे विशालकाय अजगर ने वैशाली में मचाया तांडव, रेस्क्यू के दौरान थमी रहीं सबकी सांसें
Python Rescue Vaidali: बिहार के वैशाली जिले में उस समय दहशत का माहौल बन गया, जब गंडक नदी के रमदौली घाट पर एक विशालकाय अजगर को रेंगते हुए देखा गया। जैसे ही ग्रामीणों की नजर इस दैत्याकार जीव पर पड़ी, पूरे इलाके में (Wildlife Panic) फैल गई और अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को दी। पहली बार नदी के किनारे इतना बड़ा जीव देख स्थानीय ग्रामीण अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर पा रहे थे और घाट के किनारे काम कर रहे लोगों में भगदड़ मच गई।

वन विभाग की टीम और रोमांचक रेस्क्यू ऑपरेशन
अजगर की सूचना मिलते ही वन विभाग की एक्सपर्ट टीम बिना किसी देरी के साजो-सामान के साथ मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे तक चले हाई-वोल्टेज (Rescue Operation) के बाद अजगर को सुरक्षित काबू में किया गया। इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करना टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो रही थी, क्योंकि सैकड़ों की तादाद में लोग इस दुर्लभ और डरावने मंजर को अपने मोबाइल में कैद करने के लिए जोखिम उठा रहे थे। अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद लोगों को पीछे हटाया और अजगर को पकड़ने की प्रक्रिया शुरू की।
16 फीट लंबाई और भारी वजन ने सबको चौंकाया
मौके पर मौजूद वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह अजगर कोई सामान्य जीव नहीं था बल्कि इसकी लंबाई लगभग 15 से 16 फीट (Giant Python Size) के आसपास थी। अजगर का वजन इतना अधिक था कि उसे उठाने और काबू करने में कई कर्मियों को एक साथ ताकत लगानी पड़ी। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच विशेष उपकरणों का उपयोग किया गया ताकि रेस्क्यू के दौरान अजगर को कोई चोट न पहुंचे और वह आक्रामक होकर किसी इंसान पर हमला न कर दे।
प्राकृतिक आवास में सुरक्षित विदाई
सफलतापूर्वक पकड़े जाने के बाद अजगर को वन विभाग की विशेष गाड़ी में लादकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि अजगर को किसी चिड़ियाघर के बजाय उसके (Natural Habitat) यानी घने वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया है। विशेषज्ञों द्वारा की गई स्वास्थ्य जांच में अजगर पूरी तरह फिट पाया गया। इस सफल ऑपरेशन के बाद वन विभाग ने राहत की सांस ली, क्योंकि इतनी घनी आबादी वाले इलाके में इतने बड़े अजगर का मौजूद होना किसी बड़ी अनहोनी का सबब बन सकता था।
ग्रामीण इलाकों में अनजाना खौफ और चर्चाएं
अजगर के पकड़े जाने के बाद भी गंडक और गंगा नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच डर का साया बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने अक्सर (River Biodiversity) के हिस्से के रूप में गंगा में मगरमच्छ तो देखे हैं, लेकिन इतने विशाल अजगर का दिखना उनके लिए पहली और बेहद डरावनी घटना है। लोगों के मन में अब यह शंका घर कर गई है कि क्या नदी के अन्य हिस्सों में भी ऐसे और शिकारी जीव छिपे हो सकते हैं, जिससे घाटों पर जाने वाले लोग अब कतरा रहे हैं।
विशेषज्ञों की सलाह और सतर्कता की अपील
वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि हालांकि अजगर विषैला नहीं होता, लेकिन अपनी शारीरिक शक्ति और जकड़न से यह किसी भी इंसान या मवेशी (Human Safety) के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन ने घाट किनारे रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे अकेले सुनसान जगहों पर न जाएं और यदि दोबारा ऐसा कोई जीव दिखे तो उसे खुद पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। फिलहाल, रमदौली घाट पर यह घटना क्षेत्र के लिए चर्चा का सबसे बड़ा विषय बनी हुई है।



