Muzaffarpur Weather Update: 8 डिग्री तक गिरा पारा, स्कूलों पर लगा ताला, क्या अभी और सताएगी कड़ाके की ठंड…
Muzaffarpur Weather Update: उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में कुदरत का कहर कड़ाके की ठंड और शीतलहर के रूप में बरस रहा है। पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरते पारे और पहाड़ों से आ रही बर्फीली पछुआ हवाओं ने (Public Life) को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले का न्यूनतम तापमान लुढ़क कर अब 8.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जिससे गलन और ठिठुरन अपने चरम पर है। दिन के समय भी सूरज की तपिश बेअसर साबित हो रही है क्योंकि अधिकतम तापमान भी महज 14 डिग्री सेल्सियस के आसपास सिमट कर रह गया है।

छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों में छुट्टी
ठंड के जानलेवा असर और बच्चों के नाजुक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एक बड़ा और संवेदनशील फैसला लिया है। मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी ने जिले के आठवीं कक्षा तक के सभी (Educational Institutions) को आगामी 7 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। प्रशासन का मानना है कि सुबह के समय घने कोहरे और भीषण कनकनी के बीच बच्चों का स्कूल जाना उनके स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। अधिकारियों को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग ने जारी किया ‘येलो अलर्ट’
पूसा मौसम विज्ञान केंद्र और राज्य मौसम विभाग के विशेषज्ञों ने आने वाले दिनों के लिए जो पूर्वानुमान जारी किया है, वह काफी चिंताजनक है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार (Temperature Drop) का यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है और अगले दो-तीन दिनों में पूरे बिहार में पारा और अधिक गिर सकता है। वर्तमान में 5 से 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही सर्द हवाओं ने ‘चिल फैक्टर’ को बढ़ा दिया है, जिससे घर के अंदर भी लोगों को भारी गलन महसूस हो रही है।
अलाव और रैन बसेरों के लिए प्रशासनिक सक्रियता
बढ़ती ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने शहरी इलाकों से लेकर सुदूर गांवों तक राहत कार्य तेज कर दिए हैं। सभी प्रमुख चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर (Public Bonfire) की व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही, जिले के रैन बसेरों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया है ताकि सड़क किनारे रात बिताने वाले निराश्रित लोगों को सुरक्षित छत और कंबल मिल सके। प्रशासन खुद इसकी मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि किसी भी व्यक्ति की ठंड से जान न जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश
भीषण ठंड के कारण हृदय रोगियों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा देखने को मिल रहा है। इसे देखते हुए सिविल सर्जन को सभी सरकारी अस्पतालों, पीएचसी और (Healthcare Facilities) में पर्याप्त दवाओं और इमरजेंसी बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। डॉक्टरों की टीम को 24 घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ठंड की चपेट में आने वाले मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सीने में दर्द या भारीपन महसूस होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
सावधानी और बचाव ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच
कड़ाके की ठंड के इस दौर में जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से बेहद सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से सुबह और देर रात को (Winter Precautions) अपनाते हुए अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। लोग अब अलाव और भारी ऊनी कपड़ों के जरिए खुद को बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। जब तक पछुआ हवाओं की रफ्तार कम नहीं होती और न्यूनतम तापमान में सुधार नहीं होता, तब तक मुजफ्फरपुर के लोगों को इस ‘कोल्ड टॉर्चर’ से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।



