Safety Tips for Using Heaters: कड़ाके की ठंड में सेहत पर मंडराता साइलेंट किलर का खतरा, जानलेवा है हीटर चलाकर सोने की आदत
Safety Tips for Using Heaters: उत्तर भारत समेत कई राज्यों में इन दिनों शीतलहर का प्रकोप जारी है, जिससे बचने के लिए लोग रात भर हीटर चलाकर सोना पसंद कर रहे हैं। हालांकि, यह सुखद अहसास आपके शरीर के लिए (Winter Health Hazards) एक गंभीर संकट खड़ा कर सकता है। बंद कमरे में लगातार हीटर का चलना न केवल हवा की नमी को सोख लेता है, बल्कि कमरे के वातावरण को भी विषैला बना सकता है। डॉक्टर्स और एक्सपर्ट्स बार-बार चेतावनी देते हैं कि कड़ाके की ठंड से बचने का यह तरीका आपकी जान जोखिम में डाल सकता है।

कमरे की ऑक्सीजन पर पड़ता है सीधा असर
जब आप रात भर हीटर चलाकर कमरा पूरी तरह बंद कर लेते हैं, तो कमरे के भीतर ऑक्सीजन का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है। हीटर से निकलने वाली गर्म हवा (Indoor Air Quality) को पूरी तरह शुष्क बना देती है, जिससे सांस लेने में कठिनाई महसूस हो सकती है। विशेष रूप से अस्थमा या दिल के मरीजों के लिए यह स्थिति बेहद घातक साबित होती है, क्योंकि शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलने पर दम घुटने जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है।
कार्बन मोनोऑक्साइड: एक अदृश्य और जानलेवा खतरा
गैस हीटर या पुराने हीटरों का इस्तेमाल करते समय सबसे बड़ा डर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के रिसाव का होता है। यह एक रंगहीन और गंधहीन गैस है जिसे (Carbon Monoxide Poisoning) का मुख्य कारण माना जाता है और यह नींद में ही इंसान को मौत की नींद सुला सकती है। जब कमरे में वेंटिलेशन नहीं होता, तो यह गैस खून में मिलकर ऑक्सीजन के प्रवाह को रोक देती है। इसके शुरुआती लक्षणों में सिरदर्द और चक्कर आना शामिल हैं, लेकिन सोते समय इसका पता लगाना नामुमकिन होता है।
त्वचा और आंखों में रूखेपन की समस्या
हीटर की तेज गर्मी न केवल सांसों के लिए हानिकारक है, बल्कि यह आपकी बाहरी सुंदरता और कोमलता को भी छीन लेती है। हीटर हवा की प्राकृतिक नमी को खत्म कर देता है, जिससे (Skin Dryness Issues) काफी बढ़ जाती हैं और त्वचा फटने लगती है। इतना ही नहीं, रात भर हीटर के संपर्क में रहने से आंखों में जलन और लालिमा की शिकायत भी आम हो जाती है, जो लंबे समय में आंखों की रोशनी और कोर्निया को प्रभावित कर सकती है।
छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए बढ़ता जोखिम
घर के बुजुर्ग और नवजात शिशु तापमान में होने वाले बदलावों के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं, इसलिए उनके कमरे में हीटर का प्रयोग बहुत सावधानी से करना चाहिए। हीटर के कारण होने वाला (Respiratory Problems) का खतरा बच्चों में बहुत जल्दी बढ़ जाता है क्योंकि उनके फेफड़े अभी पूरी तरह विकसित नहीं होते। बुजुर्गों में हीटर की वजह से रक्तचाप में उतार-चढ़ाव और घबराहट जैसी समस्याएं देखी गई हैं, जो रात के वक्त उनकी सेहत को बिगाड़ सकती हैं।
आग लगने की घटनाओं का बढ़ता अंदेशा
अक्सर लोग हीटर को बिस्तर के बहुत पास रखकर सो जाते हैं या उसके पास ज्वलनशील वस्तुएं छोड़ देते हैं। शॉर्ट सर्किट या हीटर के ओवरहीट होने की वजह से (Fire Safety Risks) सर्दियों के मौसम में काफी बढ़ जाते हैं। रात के अंधेरे में जब सब गहरी नींद में होते हैं, तब हीटर से निकलने वाली एक चिंगारी पूरे घर को अपनी चपेट में ले सकती है। सुरक्षा के लिहाज से हीटर को हमेशा एक स्थिर समतल जगह पर और सामान से कम से कम 3 फीट दूर रखना चाहिए।
सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय
अगर आप हीटर का इस्तेमाल करना ही चाहते हैं, तो कुछ नियमों का पालन करके आप खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। सोने से एक घंटा पहले हीटर चलाकर कमरा गर्म करें और (Room Ventilation Tips) का पालन करते हुए सोते समय इसे बंद कर दें। कमरे के एक कोने में पानी से भरी बाल्टी या चौड़ा बर्तन रखें, ताकि हवा में नमी बनी रहे। इसके अलावा, हमेशा ऑटो-कट फीचर वाले आधुनिक हीटरों का ही चयन करें जो एक निश्चित तापमान के बाद अपने आप बंद हो जाते हैं।
हीटर के विकल्प के रूप में क्या चुनें
ठंड से बचाव के लिए केवल हीटर पर निर्भर रहने के बजाय प्राकृतिक तरीकों को अपनाना स्वास्थ्य के लिए कहीं बेहतर है। शरीर की गर्मी बनाए रखने के लिए (Thermal Clothing Options) जैसे कि ऊनी कपड़ों की लेयरिंग और अच्छी क्वालिटी के कंबल का उपयोग करें। रात को गर्म दूध या हर्बल चाय का सेवन भी शरीर को अंदरूनी गर्माहट देने में मदद करता है। याद रखें, कृत्रिम गर्मी थोड़े समय के लिए आराम दे सकती है, लेकिन प्राकृतिक सुरक्षा ही आपको लंबे समय तक स्वस्थ रखेगी।



