North Korea succession rumors: ये होंगी किम परिवार की नई उत्तराधिकारी, दादा की समाधि पर किम जू ऐ की दस्तक ने दुनिया को चौंकाया
North Korea succession rumors: उत्तर कोरिया के बंद दरवाजों के पीछे से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। तानाशाह किम जोंग उन की बेटी, किम जू ऐ, पहली बार अपने दादा किम जोंग इल और परदादा किम इल सुंग के पवित्र समाधि स्थल पर नजर आईं। इस यात्रा को महज़ एक पारिवारिक दौरा नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे (Political leadership) के भविष्य की ओर एक बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है। सरकारी मीडिया द्वारा जारी इन तस्वीरों ने उन कयासों को और पुख्ता कर दिया है कि किम राजवंश की अगली कमान इस ‘प्रिय बच्ची’ के हाथों में हो सकती है।

कुमसुसान पैलेस में शक्ति का नया प्रदर्शन
प्योंगयांग के मध्य में स्थित ‘कुमसुसान पैलेस ऑफ द सन’ वह स्थान है जहाँ उत्तर कोरिया के संस्थापक पिताओं के पार्थिव शरीर संरक्षित हैं। किम जोंग उन ने जब वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यहाँ का दौरा किया, तो सबकी निगाहें (Dynastic succession) की संभावित दावेदार किम जू ऐ पर टिकी थीं। दशकों से किम परिवार ‘पैक्टू ब्लडलाइन’ के नाम पर देश पर राज कर रहा है, और इस वंश के प्रतीकों के साथ जू ऐ का जुड़ना यह दर्शाता है कि उसे शासन के मूल सिद्धांतों से रूबरू कराया जा रहा है।
पहली पंक्ति में मौजूदगी के मायने और प्रोटोकॉल
इस दौरे की सबसे खास बात वह प्रोटोकॉल था, जिसने विश्लेषकों को सोचने पर मजबूर कर दिया। समाधि स्थल पर किम जू ऐ जिस पंक्ति में खड़ी थीं, वह स्थान आमतौर पर केवल सर्वोच्च नेता के लिए सुरक्षित होता है। सियोल के विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की (Official representation) यह स्पष्ट करती है कि जू ऐ अब केवल किम जोंग उन की बेटी नहीं, बल्कि एक औपचारिक उत्तराधिकारी के रूप में ढाली जा रही है। यह पहली बार है जब किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में उसे इतना अधिक कूटनीतिक महत्व दिया गया है।
मिसाइल परीक्षण से समाधि स्थल तक का सफर
किम जू ऐ का सार्वजनिक जीवन साल 2022 में शुरू हुआ था, जब वह एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के दौरान अपने पिता का हाथ थामे नजर आई थीं। तब से लेकर अब तक, उत्तर कोरियाई मीडिया ने उसके लिए (State propaganda) के तहत ‘मार्गदर्शन करने वाली महान व्यक्तित्व’ जैसे भारी-भरकम शब्दों का प्रयोग शुरू कर दिया है। ये विशेषण उत्तर कोरिया में केवल उन लोगों के लिए आरक्षित होते हैं जिन्हें देश की बागडोर संभालनी होती है। मिसाइल साइट्स से लेकर अब समाधि स्थल तक, उसकी हर मौजूदगी एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा लगती है।
दक्षिण कोरियाई खुफिया एजेंसी का बड़ा दावा
पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस भी अब इस बात को स्वीकार कर रही है कि किम जू ऐ को उत्तराधिकारी के रूप में तैयार किया जा रहा है। पिछले साल बीजिंग की एक महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान भी वह (International diplomacy) के मंच पर अपने पिता के साथ सक्रिय देखी गई थी। दक्षिण कोरियाई विशेषज्ञों का मानना है कि किम जोंग उन अपनी बेटी को बहुत कम उम्र से ही सत्ता के दांव-पेंच सिखा रहे हैं ताकि भविष्य में सत्ता हस्तांतरण के दौरान किसी भी प्रकार के आंतरिक विद्रोह की गुंजाइश न रहे।
पैक्टू वंश की विरासत और भविष्य की चुनौतियां
उत्तर कोरिया में ‘पैक्टू ब्लडलाइन’ का महत्व किसी ईश्वरीय सत्ता से कम नहीं माना जाता। वहाँ की जनता को बचपन से ही इस वंश की पूजा करना सिखाया जाता है। ऐसे में किम जू ऐ को (Totalitarian regime) के अगले चेहरे के रूप में पेश करना किम जोंग उन के लिए अपनी विरासत को सुरक्षित रखने का एक तरीका है। हालांकि, एक पितृसत्तात्मक समाज में एक महिला का सर्वोच्च पद पर बैठना कितना सहज होगा, यह आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल प्योंगयांग की तस्वीरों ने दुनिया को एक नया संदेश दे दिया है।



