Share Market Closing Updates India: सेंसेक्स में लगी 345 अंकों की बड़ी सेंध, दलाल स्ट्रीट पर पसरा मातम, इन शेयरों ने तोड़ा निवेशकों का भरोसा
Share Market Closing Updates India: दिसंबर 2025 के अंतिम कारोबारी हफ्ते के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को बड़ी निराशा हाथ लगी है। सोमवार, 29 दिसंबर को घरेलू शेयर बाजार भारी उतार-चढ़ाव के बाद बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। शुरुआती कारोबार में सपाट शुरुआत करने वाले (Stock Market Volatility on Monday) इंडेक्स अंत तक बिकवाली के दबाव में बिखर गए। विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने दलाल स्ट्रीट के उत्साह पर पानी फेर दिया है।

सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट का स्तर
आज के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 345.91 अंकों (0.41%) की भारी गिरावट के साथ 84,695.54 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 इंडेक्स भी 100.20 अंकों (0.38%) का गोता लगाकर 26,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे, यानी 25,942.10 पर सिमट गया। (Benchmark Indices Closing Levels) में आई यह गिरावट दर्शाती है कि बाजार में इस समय मुनाफावसूली का दौर हावी है और निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं।
अडाणी पोर्ट्स और आईटी दिग्गजों ने बढ़ाया दबाव
सोमवार को सेंसेक्स की 30 बड़ी कंपनियों में से 22 के शेयर लाल निशान में बंद हुए, जो बाजार की खराब सेहत का स्पष्ट प्रमाण है। सबसे ज्यादा मार अडाणी पोर्ट्स के शेयरों पर पड़ी, जो 2.22 प्रतिशत तक टूट गए। (Top Losers in Stock Market) की सूची में पावरग्रिड, एचसीएल टेक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे दिग्गज नाम भी शामिल रहे। आईटी सेक्टर में मंदी और रीयल्टी शेयरों में बिकवाली ने इंडेक्स को नीचे धकेलने में मुख्य भूमिका निभाई।
निवेशकों के अरबों रुपये स्वाहा: इन शेयरों ने डुबोया पैसा
आज के सत्र में टाटा स्टील को छोड़कर लगभग सभी बड़े सेक्टर दबाव में दिखे। एचसीएल टेक (1.83%), ट्रेंट (1.36%) और भारती एयरटेल (1.14%) की गिरावट ने (Investors Wealth Erosion) की गति तेज कर दी। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक जैसे हैवीवेट शेयरों में आई कमजोरी ने निफ्टी को रिकवर होने का मौका नहीं दिया, जिससे कारोबार के अंतिम घंटों में बिकवाली और बढ़ गई।
टाटा स्टील और एशियन पेंट्स ने संभाली कुछ हद तक कमान
गिरावट के इस दौर में भी कुछ मुट्ठी भर शेयरों ने अपनी चमक बरकरार रखी। टाटा स्टील के शेयरों ने 1.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ (Top Gainers on 29 December) के रूप में अपनी पहचान बनाई। इसके अलावा एशियन पेंट्स, एनटीपीसी और एक्सिस बैंक के शेयरों में भी मामूली तेजी दर्ज की गई। हालांकि, इन चुनिंदा शेयरों की बढ़त बाजार की चौतरफा गिरावट को थामने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुई।
बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में भी दिखा सुस्ती का आलम
बैंकिंग सेक्टर की बात करें तो एचडीएफसी बैंक और एसबीआई जैसे बड़े शेयर भी मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। ऑटो सेक्टर में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा (Auto Stocks Performance Update) में भी निवेशकों ने मुनाफावसूली की। जानकारों का कहना है कि साल के अंत में ट्रेडिंग वॉल्यूम कम होने और एफआईआई (FII) की लगातार बिकवाली की वजह से बाजार में एक स्पष्ट दिशा का अभाव दिख रहा है।
चांदी की कीमतों में क्रैश का बाजार पर मनोवैज्ञानिक असर
सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, बल्कि कमोडिटी मार्केट में चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। (Silver Price Crash Impact) के चलते सुरक्षित निवेश माने जाने वाले क्षेत्रों में भी हलचल रही। बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली नहीं थमती, तब तक भारतीय बाजारों में इसी तरह का दबाव देखने को मिल सकता है।
आने वाले दिनों के लिए बाजार की रणनीति
अब निवेशकों की नजरें नए साल 2026 की शुरुआत और आगामी बजट सत्र से पहले की घोषणाओं पर टिकी हैं। (Stock Market Outlook 2026) को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा गिरावट को लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, रिटेल निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे फिलहाल भारी निवेश से बचें और बाजार के स्थिर होने का इंतजार करें।



