Ankita Bhandari Case: पूर्व विधायक की बढ़ी मुश्किलें, अंकिता भंडारी केस पर पुलिस ने लिया बड़ा एक्शन
Ankita Bhandari Case: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। इस बार विवाद की जड़ में एक वायरल ऑडियो है, जिसने सत्ताधारी दल भाजपा के भीतर खलबली मचा दी है। इस मामले में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की मुश्किलें (Uttarakhand Political Turmoil) के कारण बढ़ती नजर आ रही हैं। बहादराबाद पुलिस ने पूर्व विधायक को आधिकारिक नोटिस जारी कर शनिवार को थाने में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई उस ऑडियो रिकॉर्डिंग के बाद हुई है जिसने प्रदेश की राजनीति में वीवीआईपी नामों को लेकर सस्पेंस बढ़ा दिया है।

उर्मिला सनावर का ऑडियो और गंभीर आरोप
सहारनपुर निवासी अभिनेत्री उर्मिला सनावर, जो खुद को पूर्व विधायक की पत्नी बताती हैं, की एक ऑडियो क्लिप पिछले चार दिनों से सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रही है। इस (Viral Audio Investigation) में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कुछ कथित वीवीआईपी चेहरों का जिक्र किया गया है। ऑडियो में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम का नाम आने से पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी रक्षात्मक मुद्रा में आ गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है।
घर पर नहीं मिले विधायक, पुलिस ने चस्पा किया नोटिस
शुक्रवार देर शाम जब बहादराबाद पुलिस की टीम नोटिस लेकर पूर्व विधायक सुरेश राठौर के कड़च्छ स्थित आवास पर पहुंची, तो वे वहां मौजूद नहीं थे। इसके बावजूद पुलिस ने (Police Notice to Ex MLA) की प्रक्रिया पूरी की और उन्हें स्पष्ट हिदायत दी कि वे जांच में सहयोग करें। थानाध्यक्ष अंकुर शर्मा ने बताया कि यदि वायरल ऑडियो में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई पुख्ता सबूत या साक्ष्य उनके पास हैं, तो उन्हें पुलिस के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। साक्ष्य न देने की स्थिति में झूठी अफवाह फैलाने के तहत भी कार्यवाही हो सकती है।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद बढ़ा कानूनी शिकंजा
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब संत शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि (Defamation Case Against Suresh Rathore) के तहत पूर्व विधायक और उर्मिला सनावर मिलकर झूठे आरोप लगाकर पार्टी और बड़े नेताओं की छवि धूमिल कर रहे हैं। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना तेज कर दी है। अब शनिवार की पेशी पर सबकी निगाहें टिकी हैं कि पूर्व विधायक क्या पक्ष रखते हैं।
अंकिता हत्याकांड पर फिर गर्माई सियासत
अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड का एक भावनात्मक मुद्दा है, और इसमें वीवीआईपी संलिप्तता की बात बार-बार उठती रही है। इस नए ऑडियो कांड ने (Justice for Ankita Bhandari) की मांग को एक बार फिर सोशल मीडिया पर सक्रिय कर दिया है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है, जबकि भाजपा नेतृत्व ने पूरे मामले की रिपोर्ट मंगवाई है। क्या यह ऑडियो केवल राजनीतिक षड्यंत्र है या इसके पीछे कोई गहरा राज छिपा है, यह पुलिस जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।



