Lab Employee Murder Case Haridwar: 339 दिनों बाद खुला लैब कर्मचारी की हत्या का राज, जानें किसने दागी थी गोली…
Lab Employee Murder Case Haridwar: उत्तराखंड के रानीपुर कोतवाली क्षेत्र में घटित हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड से पुलिस ने आखिरकार 339 दिनों के लंबे इंतजार के बाद पर्दा उठा दिया है। बीती 18 जनवरी को गढ़मीरपुर गांव में एक लैब कर्मचारी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। पुलिस की (Criminal Investigation Department Update) और रानीपुर कोतवाली टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी होमगार्ड अभिमन्यु को गिरफ्तार कर लिया है। इस खुलासे ने न केवल वसीम के परिवार को इंसाफ दिलाया है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों पर भी विराम लगा दिया है।

नहलाने के वक्त खुला था मौत का गहरा राज
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि बहादराबाद स्थित एक पैथोलॉजी लैब में कार्यरत 21 वर्षीय वसीम का शव सड़क किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। शुरुआती तौर पर इसे एक सामान्य मौत समझा गया था, लेकिन जब (Religious Burial Customs Process) के दौरान शव को नहलाया जा रहा था, तब परिजनों ने वसीम की कमर पर एक गहरे छेद का निशान देखा। ग्रामीणों के शक जताने पर पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि वसीम की मौत पीठ में गोली लगने के कारण हुई थी।
प्रेम प्रसंग और जलन ने बनाया खूनी अपराधी
पुलिस पूछताछ में जो कहानी सामने आई वह किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं थी। आरोपी होमगार्ड अभिमन्यु का एक महिला होमगार्ड के साथ प्रेम संबंध था। आरोपी का दावा है कि (Extramarital Affair Complications) के बीच वसीम उस महिला होमगार्ड को परेशान करता था। अपनी प्रेमिका के प्रति वसीम की बढ़ती कथित दखलंदाजी से अभिमन्यु इतना बौखला गया कि उसने वसीम को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली। आरोपी खुद शादीशुदा है और दो बच्चों का पिता है, जबकि महिला होमगार्ड अविवाहित है।
रेकी और स्कूटी का हुआ था वारदात में इस्तेमाल
हत्याकांड को अंजाम देने के लिए आरोपी ने काफी समय तक वसीम की गतिविधियों पर नजर रखी थी। वारदात वाले दिन, यानी 18 जनवरी को अभिमन्यु ने (Planned Murder Execution) को अंजाम देने के लिए उसी महिला होमगार्ड की स्कूटी मांगकर ली थी। जब वसीम लैब से काम खत्म कर घर लौट रहा था, तब रास्ते में मौका पाकर अभिमन्यु ने तमंचे से उसकी पीठ में गोली मार दी। पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया अवैध तमंचा भी बरामद कर लिया है।
महिला होमगार्ड की भूमिका पर पुलिस का स्पष्टीकरण
जांच के दौरान यह सवाल भी उठा कि क्या इस पूरी साजिश में वह महिला होमगार्ड भी शामिल थी जिसकी स्कूटी का इस्तेमाल हुआ था। हालांकि, एसएसपी ने प्रेस वार्ता में साफ किया कि (Police Evidence Evaluation) के आधार पर अब तक महिला होमगार्ड की कोई सक्रिय संलिप्तता सामने नहीं आई है। आरोपी ने बिना उसे बताए स्कूटी का इस्तेमाल किया था। फिलहाल पुलिस अन्य कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है ताकि कोर्ट में मजबूत पैरवी की जा सके।
339 दिनों तक पुलिस को छकाती रही ‘वर्दी’
इस मामले को सुलझाने में पुलिस को करीब एक साल का वक्त लग गया, जो जांच की जटिलता को दर्शाता है। मामले में देरी होते देख एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह को (Special Investigation Responsibility) सौंपी गई थी। रानीपुर कोतवाल शांति कुमार गंगवार और सीआईयू प्रभारी नरेंद्र बिष्ट की टीम ने जब पुराने सुरागों को खंगाला और संदिग्धों के कॉल डिटेल्स खंगाले, तब जाकर शक की सुई होमगार्ड अभिमन्यु पर टिकी। सोमवार शाम टीम ने उसे धर दबोचा और सख्ती से पूछताछ के बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
परिजनों ने ली राहत की सांस, हत्यारे को कड़ी सजा की मांग
वसीम की मौत के बाद से ही उसका परिवार और ग्रामीण लगातार इंसाफ की गुहार लगा रहे थे। बेटे की हत्या के (Grief and Justice Demand) को लेकर पिता मुस्तकीम ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हत्यारे की गिरफ्तारी के बाद परिवार ने संतोष व्यक्त किया है, लेकिन उनकी मांग है कि आरोपी को फांसी की सजा मिले। एक जवान बेटे को खोने का गम आज भी पूरे गढ़मीरपुर गांव में महसूस किया जा सकता है, जहां वसीम को एक मिलनसार युवक के तौर पर जाना जाता था।
वर्दी पर दाग: होमगार्ड के कृत्य ने महकमे को किया शर्मसार
सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले होमगार्ड द्वारा किए गए इस जघन्य अपराध ने विभाग की छवि पर भी सवाल खड़े किए हैं। (Law Enforcement Ethical Crisis) की इस घटना ने यह साबित किया है कि अपराधी कहीं भी और किसी भी रूप में छिपा हो सकता है। एसएसपी ने इस सफल खुलासे के लिए पूरी टीम की सराहना की है और उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा भी की है। अब इस मामले की कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है ताकि वसीम के हत्यारे को उसके किए की सजा जल्द मिल सके।



