ConsumerRights – क्या दुकानदार सामान लौटाने से कर सकता है इनकार, जानिए नियम…
ConsumerRights – आज डिजिटल खरीदारी का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन बड़ी संख्या में लोग अब भी दुकानों से सीधे सामान खरीदना पसंद करते हैं। ऐसी खरीदारी के दौरान कई बार दुकानों पर एक बोर्ड लगा दिखाई देता है, जिस पर लिखा होता है, “बिका हुआ माल वापस नहीं होगा।” ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दुकानदार इस तरह की शर्त लागू कर सकता है और क्या ग्राहक को खराब सामान लौटाने का अधिकार नहीं है? उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े नियम इस मामले में स्पष्ट दिशा-निर्देश देते हैं।

क्या दुकान पर ऐसा बोर्ड लगाना वैध है?
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत विशेषज्ञों का कहना है कि कोई भी दुकानदार ऐसा बोर्ड लगाकर ग्राहकों के वैधानिक अधिकारों को सीमित नहीं कर सकता। यदि किसी उत्पाद में वास्तविक खराबी है या वह तय गुणवत्ता के अनुरूप नहीं है, तो केवल बोर्ड का हवाला देकर उसे वापस लेने से इनकार करना नियमों के अनुरूप नहीं माना जाता। ऐसे मामलों में संबंधित प्राधिकरण कार्रवाई भी कर सकते हैं।
किन परिस्थितियों में ग्राहक को मिलता है रिटर्न का अधिकार?
यदि खरीदे गए उत्पाद में मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट हो, गुणवत्ता में कमी हो, ग्राहक को ऑर्डर से अलग वस्तु दी गई हो या उत्पाद विज्ञापन अथवा किए गए दावे के अनुरूप न निकले, तो उपभोक्ता रिटर्न, रिप्लेसमेंट या रिफंड की मांग कर सकता है। ऐसी स्थिति में विक्रेता को शिकायत का उचित समाधान उपलब्ध कराना चाहिए। जरूरत पड़ने पर उपभोक्ता संबंधित मंच पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
हर स्थिति में सामान वापस करना जरूरी नहीं
विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि कोई ग्राहक केवल इसलिए सामान लौटाना चाहता है क्योंकि उसे उसका रंग, डिजाइन या पसंद बदल गई है, तो दुकानदार पर उसे वापस लेने की कानूनी बाध्यता नहीं होती। इस प्रकार के मामलों में फैसला दुकान की रिटर्न या एक्सचेंज पॉलिसी पर निर्भर करता है। इसलिए खरीदारी से पहले संबंधित नियमों की जानकारी लेना बेहतर माना जाता है।
दुकानदार किन शर्तों के साथ बना सकता है नीति?
दुकानदार अपनी रिटर्न और एक्सचेंज पॉलिसी तय कर सकता है, लेकिन यह नीति उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के विपरीत नहीं हो सकती। यदि किसी उत्पाद में वास्तविक तकनीकी या निर्माण संबंधी कमी पाई जाती है, तो केवल आंतरिक नीति का हवाला देकर ग्राहक की शिकायत को अस्वीकार नहीं किया जा सकता। पारदर्शिता और स्पष्ट जानकारी देना विक्रेता की जिम्मेदारी मानी जाती है।
खरीदारी के समय इन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सामान खरीदने के बाद बिल या कैश मेमो सुरक्षित रखें। यदि किसी उत्पाद में खराबी दिखाई दे, तो जल्द से जल्द दुकानदार से संपर्क करें। रिटर्न या एक्सचेंज से जुड़ी शर्तों को खरीदारी से पहले पढ़ लेना भी उपयोगी रहता है। यदि शिकायत का समाधान नहीं होता, तो उपभोक्ता संबंधित उपभोक्ता आयोग या सक्षम प्राधिकरण के माध्यम से कानूनी सहायता ले सकता है।