Copper – धातुओं की महंगाई से महंगा होगा टीवी, फ्रिज, एसी और कार खरीदना…
Copper – यदि आप आने वाले त्योहारी सीजन में नया टीवी, फ्रिज, एयर कंडीशनर, वाशिंग मशीन या नई कार खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो बजट बढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है। वैश्विक बाजार में तांबा, एल्युमीनियम, जिंक और अन्य औद्योगिक धातुओं की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी का असर अब भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंचने लगा है। उद्योग जगत का मानना है कि कच्चे माल की लागत बढ़ने से कई उपभोक्ता उत्पादों की कीमतों में आने वाले दिनों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में धातुओं के दाम चढ़े
हाल के कारोबारी सत्रों में लंदन मेटल एक्सचेंज पर तांबे की कीमतों में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया। इसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया, जहां तांबे के भाव पिछले महीने की तुलना में काफी ऊपर पहुंच गए हैं। एल्युमीनियम और जिंक जैसी धातुओं के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी उत्पादन लागत को सीधे प्रभावित कर रही है।
वैश्विक आपूर्ति और मांग बनी बड़ी वजह
धातुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण बताए जा रहे हैं। कांगो द्वारा कॉपर और कोबाल्ट कंसंट्रेट के निर्यात पर रोक लगाने से वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। दूसरी ओर, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण समुद्री आपूर्ति श्रृंखला पर भी दबाव बना हुआ है। साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहनों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डाटा सेंटरों की बढ़ती मांग के चलते तांबे की खपत तेजी से बढ़ रही है, जिससे कीमतों को और समर्थन मिला है।
उपभोक्ता उत्पादों पर पड़ सकता है सीधा असर
घरेलू उपकरणों और ऑटोमोबाइल उद्योग में तांबा, एल्युमीनियम और स्टील का व्यापक उपयोग होता है। एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन, इलेक्ट्रिक मोटर और वाहन निर्माण में इन धातुओं की अहम भूमिका रहती है। ऐसे में कच्चे माल की लागत बढ़ने का असर कंपनियों की उत्पादन लागत पर पड़ रहा है, जिसे वे धीरे-धीरे उत्पादों की कीमतों में शामिल कर सकती हैं।
त्योहारों से पहले बढ़ सकती हैं कीमतें
उद्योग से जुड़े जानकारों का अनुमान है कि त्योहारी मांग शुरू होने से पहले घरेलू उपकरणों और कुछ वाहन श्रेणियों की कीमतों में 5 से 8 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। इलेक्ट्रिक वाहनों में तांबे का व्यापक उपयोग होने के कारण इस क्षेत्र पर भी लागत का दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा स्मार्टफोन, रसोई के बर्तन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
बाजार की नजर आगे की स्थिति पर
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक आपूर्ति सामान्य नहीं हुई और धातुओं की मांग इसी तरह बनी रही, तो कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव है। फिलहाल उद्योग और उपभोक्ता दोनों अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इन्हीं के आधार पर आने वाले महीनों में उत्पादों की कीमतें तय होंगी।