Diabetes – सावन व्रत के दौरान डायबिटीज और हाई बीपी मरीजों के लिए क्या हैं जरूरी सावधानियां…
Diabetes – सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोमवार का व्रत रखते हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक आस्था के साथ अपनी शारीरिक स्थिति का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। खासकर डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे लोगों को व्रत शुरू करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर माना जाता है।

स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार लें निर्णय
विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर दवाओं और नियमित देखभाल से नियंत्रित है, तो डॉक्टर की सलाह के बाद आवश्यक सावधानियों के साथ व्रत रखा जा सकता है। लेकिन जिन लोगों का ब्लड शुगर बार-बार असंतुलित रहता है या जिन्हें हाल के समय में हार्ट अटैक, स्ट्रोक अथवा किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या हुई है, उन्हें बिना चिकित्सकीय परामर्श लंबे समय तक खाली पेट नहीं रहना चाहिए। दवाओं का सेवन भी डॉक्टर के निर्देशानुसार जारी रखना आवश्यक है।
लंबे उपवास से बढ़ सकती हैं दिक्कतें
डायबिटीज के मरीजों में लंबे समय तक भोजन न करने से ब्लड शुगर का स्तर जरूरत से ज्यादा कम या अधिक हो सकता है। कई लोग व्रत खोलते समय अधिक मात्रा में मिठाई, आलू, साबूदाना या तले हुए फलाहार का सेवन कर लेते हैं, जिससे शुगर तेजी से बढ़ने का खतरा रहता है। दूसरी ओर हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों में पर्याप्त पानी न पीने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिसका असर रक्तचाप पर पड़ता है। ऐसी स्थिति में कमजोरी, चक्कर, सिरदर्द या बेहोशी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
किन लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए
चिकित्सकों का कहना है कि टाइप-1 डायबिटीज, बार-बार हाइपोग्लाइसीमिया की समस्या, गर्भावस्था या गंभीर किडनी रोग से पीड़ित लोगों के लिए उपवास जोखिम बढ़ा सकता है। ऐसे मरीजों को बिना विशेषज्ञ सलाह व्रत रखने से बचना चाहिए। यदि व्रत रखा भी जाए तो पूरे दिन ब्लड शुगर की नियमित निगरानी करना महत्वपूर्ण है, ताकि किसी भी असामान्य स्थिति का समय रहते पता चल सके।
व्रत के दौरान क्या रखें ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञ फलाहार में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं। दूध, दही, मखाना, मूंगफली, बादाम, अखरोट और नारियल पानी जैसे विकल्प ऊर्जा बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। तले हुए खाद्य पदार्थों और अत्यधिक मीठे व्यंजनों से दूरी रखना बेहतर माना जाता है। वहीं हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को सेंधा नमक का सेवन भी सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि इसमें भी सोडियम मौजूद होता है।
कब तुरंत व्रत समाप्त करना चाहिए
विशेषज्ञों के अनुसार यदि व्रत के दौरान ब्लड शुगर 70 mg/dL से नीचे पहुंच जाए या लगातार चक्कर, हाथ-पैर कांपना, अत्यधिक कमजोरी अथवा बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत व्रत समाप्त कर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। इसी तरह यदि रक्तचाप बहुत अधिक बढ़ जाए या सामान्य से काफी कम हो जाए, तो उपवास जारी रखना सुरक्षित नहीं माना जाता।