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Made in India Baleno Latin NCAP Rating: क्या सुरक्षित है आपकी पसंदीदा हैचबैक, भारत में बनी सुजुकी बलेनो के नए क्रैश टेस्ट नतीजों ने चौंकाया…

Made in India Baleno Latin NCAP Rating: भारतीय सड़कों पर राज करने वाली और ‘मेड इन इंडिया’ पहचान के साथ विदेशों में निर्यात होने वाली सुजुकी बलेनो एक बार फिर चर्चा में है। लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र के न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (Latin NCAP) की 2025 की अंतिम रिपोर्ट में बलेनो को 2-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। यह खबर उन लोगों के लिए राहत भरी हो सकती है जो इसकी पिछली 1-स्टार रेटिंग से चिंतित थे। सुजुकी ने कार की सुरक्षा (Car Safety Update) को गंभीरता से लेते हुए इसमें महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप इसकी रेटिंग में सुधार देखने को मिला है। कंपनी ने अब इस प्रीमियम हैचबैक के सेफ्टी पैकेज को पहले से काफी मजबूत बना दिया है।

Made in India Baleno Latin NCAP Rating
Made in India Baleno Latin NCAP Rating

छह एयरबैग्स का सुरक्षा कवच और पिछला रिकॉर्ड

इससे पहले जब बलेनो का क्रैश टेस्ट हुआ था, तब वह केवल दो एयरबैग और स्टैंडर्ड इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) के साथ आती थी, जिसके कारण उसे महज 1-स्टार से संतोष करना पड़ा था। आलोचनाओं के बाद सुजुकी ने (Standard Side Airbags) को अब बेस वेरिएंट से ही अनिवार्य कर दिया है। अब इस कार में साइड बॉडी और साइड कर्टेन एयरबैग्स को मिलाकर कुल छह एयरबैग्स मिलते हैं। सुरक्षा मानकों में किए गए इन्हीं ठोस बदलावों का सकारात्मक असर ताजा क्रैश टेस्ट के अंकों और स्टार रेटिंग में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

एडल्ट और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन का स्कोरकार्ड

ताजा परीक्षणों में अपडेटेड बलेनो ने वयस्कों की सुरक्षा (Adult Occupant Protection) के मामले में 35 में से 31.75 अंक हासिल किए हैं, जो लगभग 79.38 प्रतिशत का एक अच्छा सुरक्षा स्तर है। वहीं बच्चों की सुरक्षा की बात करें तो कार को 49 में से 32.08 अंक मिले हैं, यानी 65.46 प्रतिशत स्कोर। हालांकि ये आंकड़े अभी भी पांच सितारा रेटिंग से दूर हैं, लेकिन पिछले प्रदर्शन के मुकाबले यह एक बड़ी बढ़त मानी जा रही है। इन अंकों ने साबित किया है कि अतिरिक्त एयरबैग्स केवल दिखावा नहीं, बल्कि जान बचाने में प्रभावी साबित हुए हैं।

पैदल यात्रियों की सुरक्षा और अन्य सहायक मानक

क्रैश टेस्ट में केवल कार के अंदर बैठे लोग ही नहीं, बल्कि सड़क पर चलने वाले राहगीर भी महत्वपूर्ण होते हैं। पैदल यात्रियों और कमजोर सड़क उपयोगकर्ताओं (Pedestrian Safety Rating) की श्रेणी में बलेनो को 36 में से 23.17 अंक मिले हैं, जो कि 48.28 प्रतिशत के बराबर है। वहीं सेफ्टी असिस्ट कैटेगरी में कार ने 58.14 प्रतिशत का स्कोर हासिल किया। इस टेस्ट के दौरान फ्रंटल इम्पैक्ट, साइड इम्पैक्ट, साइड पोल इम्पैक्ट और व्हिपलैश जैसे कड़े पैमानों पर कार को परखा गया, ताकि सुरक्षा की एक मुकम्मल तस्वीर सामने आ सके।

संरचनात्मक मजबूती और केबिन की स्थिरता

टक्कर के दौरान कार का ढांचा कितना स्थिर रहता है, यह सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। फ्रंटल क्रैश टेस्ट के दौरान बलेनो की बॉडी स्ट्रक्चर और फुटवेल (Body Structure Integrity) को स्थिर पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ड्राइवर और उसके बगल में बैठे यात्री दोनों के लिए सुरक्षा का स्तर संतुलित रहा। इसका मतलब है कि किसी भीषण टक्कर की स्थिति में केबिन की संरचना ऊर्जा को सोखने में सक्षम है, जिससे यात्रियों के गंभीर रूप से घायल होने की संभावना कम हो जाती है। यह स्थिरता मध्यम दर्जे की टक्करों में जीवन रक्षक साबित होती है।

बच्चों की सुरक्षा में एक बड़ी तकनीकी कमी

चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में कार ने रियर-फेसिंग चाइल्ड सीट्स और ISOFIX माउंट्स के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। लेकिन विशेषज्ञों ने एक (Safety Feature Deficiency) की ओर इशारा किया है। बलेनो में पैसेंजर एयरबैग डीएक्टिवेशन स्विच की कमी पाई गई है, जो सामने वाली सीट पर चाइल्ड सीट लगाने के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से बेहद जरूरी होता है। इस स्विच के न होने को रेटिंग में एक नकारात्मक पहलू के तौर पर जोड़ा गया है, जो कार की ओवरऑल रेटिंग को और बेहतर होने से रोकता है।

साइड इम्पैक्ट और सिर की सुरक्षा में बड़ा सुधार

साइड और कर्टेन एयरबैग्स के स्टैंडर्ड होने का सबसे बड़ा फायदा साइड इम्पैक्ट टेस्ट में देखने को मिला। पहले जहां साइड से होने वाली टक्कर में सिर पर गंभीर चोट का खतरा (Head Protection Improvement) अधिक था, अब वहां सुरक्षा स्तर काफी संतोषजनक पाया गया है। यात्रियों की छाती और सिर की सुरक्षा पहले की तुलना में कहीं अधिक बेहतर हुई है। पोल इम्पैक्ट टेस्ट में भी अतिरिक्त एयरबैग्स ने एक मजबूत ढाल की तरह काम किया, जिसने अंदर बैठे लोगों के ऊपरी शरीर को सुरक्षित रखने में मदद की।

एडवांस्ड फीचर्स की कमी और भविष्य की चुनौतियां

सुधार के बावजूद बलेनो को 4 या 5 स्टार रेटिंग न मिलने का एक बड़ा कारण एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS Technology) जैसे फीचर्स की कमी है। आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुसार, कार में केवल एयरबैग होना ही काफी नहीं है, बल्कि टक्कर से पहले चेतावनी देने वाले फीचर्स भी जरूरी हैं। पैदल यात्री सुरक्षा के मामले में भी अभी सुधार की काफी गुंजाइश है, खासकर पैर के ऊपरी हिस्से की सुरक्षा अभी भी कमजोर श्रेणी में है। अंततः, बलेनो अब पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित है, लेकिन इसे ‘सर्वश्रेष्ठ’ बनाने के लिए सुजुकी को अभी कुछ और तकनीकी कदम उठाने होंगे।

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