MonsoonUpdate – महाराष्ट्र में थमी मॉनसून की रफ्तार, मौसम विभाग ने चेताया…
MonsoonUpdate – महाराष्ट्र के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की प्रगति फिलहाल धीमी पड़ गई है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के शेष क्षेत्रों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए जरूरी मौसमीय परिस्थितियां अभी पर्याप्त रूप से अनुकूल नहीं हैं। विभाग ने बताया कि 8 जून को मॉनसून दक्षिण कोंकण और दक्षिण मध्य महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों तक पहुंचा था, लेकिन इसके बाद इसकी गति में उल्लेखनीय कमी देखी गई है।

नमी पहुंचाने वाली हवाओं की ताकत घटी
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अरब सागर से आने वाली तेज नमीयुक्त हवाएं इस समय सामान्य से कमजोर बनी हुई हैं। यही हवाएं आमतौर पर व्यापक वर्षा और मॉनसून के विस्तार में अहम भूमिका निभाती हैं। इन हवाओं की रफ्तार कम होने से राज्य के तटीय और आंतरिक इलाकों तक पर्याप्त नमी नहीं पहुंच पा रही है, जिससे बारिश की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
समुद्री क्षेत्रों में बदला मौसम का स्वरूप
आईएमडी ने बताया कि मॉनसून से जुड़ी निचले स्तर की दक्षिण-पश्चिमी हवाओं में भी कमजोरी दर्ज की गई है। अरब सागर के ऊपर बने इस बदलाव का सीधा असर महाराष्ट्र के मौसम पर पड़ा है। नमी की उपलब्धता कम होने के कारण कई क्षेत्रों में अपेक्षित बारिश नहीं हो रही और मॉनसून की आगे बढ़ने की प्रक्रिया धीमी बनी हुई है।
भूमध्य रेखा पार करने वाली हवाएं भी कमजोर
रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी हिंद महासागर और अरब सागर के ऊपर सक्रिय रहने वाला क्रॉस-इक्वेटोरियल फ्लो भी हाल के दिनों में कमजोर हुआ है। यह प्रणाली दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के लिए नमी का प्रमुख स्रोत मानी जाती है। इसकी तीव्रता घटने से मॉनसून को आवश्यक ऊर्जा और नमी नहीं मिल पा रही, जिसका असर बारिश के वितरण पर देखा जा रहा है।
महत्वपूर्ण मौसमीय प्रणालियों का अभाव
मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल अरब सागर या बंगाल की खाड़ी में ऐसा कोई प्रभावी कम दबाव का क्षेत्र या चक्रवाती परिसंचरण मौजूद नहीं है, जो मॉनसून को गति दे सके। इसके साथ ही पश्चिमी तट के समानांतर बनने वाली ऑफशोर ट्रफ भी पर्याप्त रूप से सक्रिय नहीं है। इन परिस्थितियों के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा के लिए जरूरी समर्थन नहीं मिल रहा है।
अगले कुछ दिन रह सकती है सीमित बारिश
आईएमडी के अनुमान के मुताबिक आगामी चार से पांच दिनों तक महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बिखरी हुई और सीमित रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है, लेकिन फिलहाल व्यापक और लगातार बारिश के संकेत नहीं हैं। इससे किसानों और जल संसाधनों पर नजर रखने वाली एजेंसियों की चिंता बनी हुई है।
जून के अंतिम सप्ताह में सुधर सकते हैं हालात
मौसम मॉडल के आधार पर विभाग ने संकेत दिया है कि 24 से 25 जून के आसपास कोंकण क्षेत्र में बारिश की गतिविधियों में तेजी आ सकती है। यदि मौसमीय परिस्थितियां अपेक्षित रूप से विकसित होती हैं तो मॉनसून को आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है। इसके बाद राज्य के अन्य हिस्सों में भी वर्षा का दायरा बढ़ने की संभावना जताई गई है।
लगातार निगरानी में है मौसम की स्थिति
मौसम विभाग ने कहा है कि सभी प्रमुख मौसमीय संकेतकों और सिनॉप्टिक परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञ बदलते पैटर्न का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि मॉनसून की आगे की स्थिति का सटीक आकलन किया जा सके। किसी भी महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी समय-समय पर जारी की जाएगी।