StockMarket – गिरावट के बाद शेयर बाजार में लौटी मजबूती
StockMarket – घरेलू शेयर बाजार ने मंगलवार को सकारात्मक शुरुआत की। पिछले कारोबारी सत्र में आई कमजोरी के बाद प्रमुख सूचकांकों में अच्छी बढ़त देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक मजबूत हुआ, जबकि निफ्टी भी बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। वैश्विक संकेतों में सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में दबाव झेल रहे निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिले सकारात्मक संकेतों से राहत मिली है। शुरुआती सत्र में कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखी गई, जिससे बाजार का रुख मजबूत बना रहा।
कच्चे तेल में नरमी से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट को बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। ऊर्जा लागत कम होने की संभावना से निवेशकों की धारणा बेहतर हुई है। इसी का असर भारतीय शेयर बाजार में भी दिखाई दिया।
रुपये में भी मजबूती दर्ज की गई और शुरुआती कारोबार के दौरान भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले मजबूत स्तर पर पहुंची। मुद्रा बाजार में यह सुधार विदेशी निवेशकों के लिए भी उत्साहजनक संकेत माना जा रहा है।
एशियाई बाजारों में भी दिखी मजबूत वापसी
एशियाई शेयर बाजारों ने हालिया गिरावट के बाद जोरदार रिकवरी दर्ज की। क्षेत्रीय बाजारों में खरीदारी का माहौल बनने से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है। पश्चिम एशिया से जुड़े तनाव में नरमी की खबरों ने भी बाजार भावना को समर्थन दिया।
एमएससीआई एशिया पैसिफिक सूचकांक में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशक फिर से इक्विटी बाजारों की ओर लौट रहे हैं। कई प्रमुख एशियाई सूचकांक दिन की शुरुआत से ही हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
प्रौद्योगिकी और AI से जुड़े शेयरों को मिला सहारा
विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी बाजारों में तकनीकी और AI क्षेत्र से जुड़े शेयरों में सुधार का असर वैश्विक निवेश भावना पर पड़ा है। हाल के दबाव के बाद इन कंपनियों में खरीदारी लौटने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों को नई ऊर्जा मिली।
अमेरिका के प्रमुख सूचकांकों में भी मजबूती दर्ज की गई, जिसका सकारात्मक प्रभाव एशियाई और भारतीय बाजारों पर दिखाई दिया। निवेशकों का मानना है कि तकनीकी क्षेत्र में जारी गतिविधियां आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
वैश्विक घटनाक्रमों ने भी दिया समर्थन
बाजार जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक हालात में आई स्थिरता ने भी निवेशकों की चिंता कम की है। वैश्विक तनाव में कमी आने से जोखिम वाली परिसंपत्तियों में निवेश बढ़ा है।
हालांकि हाल के सप्ताहों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की ओर से निकासी देखी गई थी, लेकिन विशेषज्ञों को उम्मीद है कि सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते निवेश प्रवाह में सुधार हो सकता है। उनका मानना है कि भारतीय बाजार फिलहाल आकर्षक मूल्यांकन स्तरों पर मौजूद हैं।
RBI और नीतिगत समर्थन से उम्मीदें
विशेषज्ञों ने भारतीय रिजर्व बैंक की हालिया नीतिगत पहलों को भी बाजार के लिए सहायक बताया है। उनका मानना है कि कुछ विशेष निवेश मार्गों के माध्यम से विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ सकता है, जिससे वित्तीय बाजारों को अतिरिक्त समर्थन मिलेगा।
इसके अलावा कुछ नियामकीय और न्यायिक फैसलों ने दूरसंचार तथा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के लिए सकारात्मक माहौल बनाया है। इससे संबंधित शेयरों में भी निवेशकों की रुचि बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
वैश्विक सूचकांकों का मिला-जुला प्रदर्शन
एशिया के कई प्रमुख बाजारों में तेजी दर्ज की गई। जापान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजारों ने मजबूत प्रदर्शन किया, जबकि कुछ अन्य बाजारों में सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक विशेष रूप से निवेशकों के आकर्षण का केंद्र रहा।
कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और सोने में हल्की मजबूती दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर बाजार की नजर आगे भी बनी रहेगी।