स्वास्थ्य

Bloating – लंबे समय तक पेट फूलना इन बीमारियों का हो सकता है संकेत

Bloating – आजकल अनियमित खानपान और बदलती जीवनशैली के कारण पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कई लोग अक्सर गैस, कब्ज, एसिडिटी और पेट में भारीपन जैसी परेशानियों का सामना करते हैं। कुछ मामलों में खाना खाने के बाद पेट जरूरत से ज्यादा फूला हुआ महसूस होने लगता है, जिसे लोग सामान्य गैस समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह समस्या लगातार बनी रहे तो इसे हल्के में लेना सही नहीं माना जाता।

डॉक्टरों के मुताबिक, कभी-कभार पेट फूलना सामान्य हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक बनी रहने वाली ब्लोटिंग शरीर के भीतर किसी बड़ी समस्या का संकेत भी दे सकती है। खासकर तब, जब इसके साथ वजन कम होना, भूख घट जाना या पेट दर्द जैसी दिक्कतें भी दिखाई दें।

कब्ज को माना जाता है सबसे आम कारण

विशेषज्ञों का कहना है कि पेट फूलने की सबसे सामान्य वजह कब्ज होती है। जब आंतों में मल लंबे समय तक जमा रहता है, तब पाचन प्रक्रिया प्रभावित होने लगती है। इससे गैस बनने लगती है और पेट भरा या फूला हुआ महसूस होता है।

कम पानी पीना, फाइबर युक्त भोजन की कमी और लंबे समय तक बैठे रहना इस समस्या को बढ़ा सकते हैं। कई लोगों में शारीरिक गतिविधि कम होने के कारण भी कब्ज और ब्लोटिंग की परेशानी लगातार बनी रहती है।

स्वास्थ्य संस्थानों के अनुसार पाचन तंत्र ठीक से काम न करे तो गैस और पेट में सूजन जैसी शिकायतें बढ़ सकती हैं। ऐसे में खानपान सुधारने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जाती है।

लगातार ब्लोटिंग कभी-कभी बीमारी का संकेत भी

डॉक्टर बताते हैं कि हर बार पेट फूलने की वजह सिर्फ गैस या कब्ज नहीं होती। कुछ मामलों में यह आंतों, लिवर या हार्मोन से जुड़ी बीमारियों का संकेत भी हो सकता है। यदि पेट फूलने के साथ तेज दर्द, उल्टी, मल त्याग की आदत में बदलाव या अचानक वजन कम होना जैसी समस्याएं हों, तो जांच कराना जरूरी माना जाता है।

महिलाओं में लंबे समय तक ब्लोटिंग रहने की स्थिति ओवरी से जुड़ी समस्याओं की तरफ इशारा कर सकती है। वहीं पुरुषों में लिवर और आंतों से संबंधित बीमारियों में भी ऐसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर लंबे समय तक किसी असामान्य बदलाव का संकेत दे रहा हो तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

इरिटेबल बाउल सिंड्रोम से भी जुड़ी हो सकती है परेशानी

लगातार पेट फूलना कई बार इरिटेबल बाउल सिंड्रोम यानी आईबीएस का भी संकेत माना जाता है। यह पाचन तंत्र से जुड़ी ऐसी स्थिति है जिसमें आंतें सामान्य तरीके से काम नहीं कर पातीं।

इस समस्या में गैस, पेट दर्द, कब्ज और कभी-कभी दस्त जैसी शिकायतें भी हो सकती हैं। डॉक्टरों के अनुसार तनाव, अनियमित दिनचर्या, ज्यादा मसालेदार भोजन और कैफीन का अधिक सेवन आईबीएस के खतरे को बढ़ा सकता है।

आजकल तेजी से बदलती लाइफस्टाइल और मानसिक तनाव की वजह से युवाओं में भी यह समस्या बढ़ती देखी जा रही है।

फूड इंटॉलरेंस भी बन सकता है कारण

कुछ लोगों को विशेष खाद्य पदार्थ पचाने में दिक्कत होती है, जिसकी वजह से पेट फूलने की समस्या पैदा हो सकती है। दूध, बीन्स या ग्लूटेन वाली चीजें कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती हैं।

जब शरीर किसी भोजन को ठीक तरह से पचा नहीं पाता, तब वह आंतों में फर्मेंट होने लगता है। इससे गैस और सूजन बढ़ जाती है। लैक्टोज इंटॉलरेंस वाले लोगों में दूध या डेयरी उत्पाद खाने के बाद पेट फूलना, गैस और दस्त जैसी शिकायतें ज्यादा देखी जाती हैं।

डॉक्टर सलाह देते हैं कि अगर किसी खास भोजन के बाद बार-बार ऐसी समस्या हो रही हो तो उसे पहचानकर खानपान में बदलाव करना जरूरी हो सकता है।

कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर घरेलू उपायों और खानपान में सुधार के बाद भी पेट फूलने की समस्या बनी रहे तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर होता है। शुरुआती जांच से कई गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है।

स्वस्थ पाचन के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, नियमित व्यायाम और तनाव कम रखना जरूरी माना जाता है।

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