PACSElection – गया में पैक्स चुनाव में पति-पत्नी आमने-सामने…
PACSElection – बिहार के गया जिले में पैक्स चुनाव को लेकर इस बार एक अनोखा मुकाबला चर्चा का विषय बना हुआ है। शेरघाटी विधानसभा क्षेत्र की चितापकला पंचायत में पैक्स अध्यक्ष पद के लिए पति और पत्नी दोनों ने नामांकन दाखिल किया है। एक ही परिवार से दो उम्मीदवारों के मैदान में उतरने के बाद गांव की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है।

चुनाव को लेकर पूरे इलाके में चर्चाओं का दौर जारी है। गांव की चौपालों, बाजारों और सामाजिक बैठकों में लोग इसी मुकाबले पर चर्चा करते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोग इसे पंचायत राजनीति का बेहद दिलचस्प चुनाव मान रहे हैं।
एक ही परिवार से दो उम्मीदवार
चितापकला पंचायत की वर्तमान मुखिया कांति देवी और उनके पति, पूर्व मुखिया जितेंद्र प्रसाद यादव, दोनों पैक्स अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों उम्मीदवार अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं और लगातार जनसंपर्क अभियान में जुटे हुए हैं।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह मुकाबला केवल चुनावी प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक चर्चा का भी केंद्र बन गया है। गांव में लोग इस बात को लेकर उत्सुक हैं कि आखिर चुनाव परिणाम किसके पक्ष में जाएगा।
मतदाताओं के सामने असमंजस
पति-पत्नी के बीच चुनावी मुकाबले ने मतदाताओं की स्थिति भी दिलचस्प बना दी है। दोनों उम्मीदवारों की पंचायत में अच्छी पकड़ मानी जाती है और समर्थकों का एक बड़ा वर्ग दोनों के साथ दिखाई दे रहा है।
कुछ लोग वर्तमान मुखिया कांति देवी के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को उनकी ताकत बता रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर जितेंद्र प्रसाद यादव के समर्थक उनके लंबे राजनीतिक अनुभव को बड़ा मुद्दा मान रहे हैं। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी ऐसा चुनाव नहीं देखा, जहां परिवार के भीतर की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा सार्वजनिक चर्चा का मुख्य विषय बन गई हो।
महिलाओं और युवाओं पर फोकस
कांति देवी अपने प्रचार अभियान में महिलाओं और युवाओं को जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही हैं। वह पंचायत स्तर पर विभिन्न योजनाओं और स्थानीय मुद्दों को लेकर लोगों से संपर्क कर रही हैं। दूसरी तरफ जितेंद्र प्रसाद यादव भी लगातार गांव-गांव जाकर लोगों से समर्थन मांग रहे हैं।
दोनों पक्षों के समर्थक सोशल मीडिया और स्थानीय बैठकों के जरिए अपने उम्मीदवार के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हुए हैं। चुनावी गतिविधियों के कारण पंचायत में राजनीतिक माहौल काफी सक्रिय हो गया है।
तीन जून को होगा फैसला
अब पूरे क्षेत्र की नजर मतदान और मतगणना की तारीख पर टिकी हुई है। तीन जून को वोटिंग के साथ ही नतीजे भी घोषित किए जाएंगे। इसके बाद साफ हो जाएगा कि चितापकला पंचायत में पैक्स अध्यक्ष की जिम्मेदारी किसे मिलती है।
फिलहाल इस चुनाव ने गया जिले की पंचायत राजनीति को नई चर्चा दे दी है। स्थानीय लोग इसे केवल चुनाव नहीं, बल्कि रिश्तों और राजनीति के अनोखे संगम के रूप में देख रहे हैं।