बिहार

BridgeCollapse – विक्रमशिला सेतु टूटने के बाद मार्ग पूरी तरह बंद

BridgeCollapse – बिहार के भागलपुर जिले में स्थित विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। गंगा नदी पर बना यह महत्वपूर्ण पुल बीच से टूटने के कारण फिलहाल बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने दोनों ओर से बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी है, ताकि किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। हालांकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आंशिक अपडेट दिख रहा है, लेकिन जमीनी स्थिति यह है कि इस मार्ग का उपयोग अभी संभव नहीं है।

डिजिटल नक्शे में बदलाव, लेकिन भ्रम की स्थिति बरकरार

गूगल मैप्स ने इस मार्ग को बंद दिखाना शुरू कर दिया है, लेकिन कुछ समय पर यह रास्ता फिर भी दिखाई दे जाता है, जिससे यात्रियों में भ्रम की स्थिति बन सकती है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय स्तर पर लोगों से अपील की जा रही है कि इस मार्ग से यात्रा करने की योजना फिलहाल न बनाएं। यह रास्ता कम से कम अगले चार से पांच महीनों तक बंद रहने की संभावना है।

बीच का हिस्सा गिरने से बना गंभीर खतरा

रविवार देर रात पुल का एक हिस्सा अचानक गंगा नदी में समा गया। यह वही हिस्सा था, जहां से वाहनों का आवागमन होता था। बताया जा रहा है कि पुल का एक स्लैब टूटकर नीचे गिर गया। इससे पहले कुछ हिस्से कमजोर होते देख स्थानीय लोगों ने प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद तत्काल यातायात रोक दिया गया। इसी सतर्कता के कारण किसी बड़े हादसे से बचाव हो सका।

भागलपुर के दो हिस्सों के बीच संपर्क प्रभावित

विक्रमशिला सेतु भागलपुर जिले को दो हिस्सों—नवगछिया और शहरी क्षेत्र—के बीच जोड़ता था। इस पुल के बंद होने से इन दोनों क्षेत्रों के बीच सीधा संपर्क टूट गया है। पहले यह मार्ग देवघर, बांका होते हुए कटिहार और पूर्णिया जाने के लिए प्रमुख रास्ता माना जाता था। अब इस क्षेत्र के यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़ रहे हैं।

मुंगेर मार्ग बना मुख्य विकल्प

प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे फिलहाल मुंगेर के रास्ते का उपयोग करें। इसके लिए बड़हिया, लखीसराय या खगड़िया होकर मुंगेर पहुंचा जा सकता है। यही मार्ग अभी सुरक्षित और चालू है। लोगों से अपील की जा रही है कि बिना पुष्टि किए किसी भी मार्ग पर यात्रा करने से बचें।

मरम्मत में लग सकता है कई महीनों का समय

बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह के अनुसार, टूटे हुए हिस्से की मरम्मत में करीब तीन महीने का समय लग सकता है। साथ ही, यह भी जानकारी दी गई है कि गंगा नदी पर बन रहे समानांतर नए पुल को इस वर्ष के अंत तक चालू करने की योजना है, जिससे भविष्य में यातायात की समस्या कम हो सके।

प्रशासन की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

अधिकारियों ने इस बात पर संतोष जताया है कि समय रहते पुल पर यातायात रोक दिया गया, जिससे जनहानि नहीं हुई। अगर यह कदम देर से उठाया जाता, तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी। फिलहाल प्रशासन पुल के शेष हिस्से की भी जांच कर रहा है।

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