ElectionCommission – कपिल सिब्बल ने बंगाल मतदान प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल
ElectionCommission – पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनाव के बीच पूर्व कानून मंत्री और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में मतदाताओं के अधिकारों के साथ समझौता किया जा रहा है। सिब्बल का कहना है कि यदि लोगों को स्वतंत्र रूप से वोट देने का अवसर नहीं मिल रहा, तो चुनाव कराने का औचित्य ही क्या रह जाता है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल में नई बहस शुरू हो गई है।

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल
कपिल सिब्बल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लेते हुए कहा कि आयोग की मौजूदा कार्यशैली निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि इस तरह के फैसलों के लिए उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए। सिब्बल ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी बात रखते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में मतदाताओं को उनके अधिकार से वंचित करने जैसा प्रयोग किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पहले भी लगाए थे गंभीर आरोप
यह पहला मौका नहीं है जब सिब्बल ने इस मुद्दे को उठाया हो। इससे पहले भी उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है ताकि एक विशेष राजनीतिक दल को लाभ मिल सके। उनके अनुसार, यह स्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है।
सुरक्षा बलों की तैनाती पर उठाए प्रश्न
सिब्बल ने पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की मौजूदगी पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों जैसे महाराष्ट्र और हरियाणा में चुनाव के दौरान इस तरह की व्यवस्था देखने को नहीं मिली। उनके मुताबिक, अलग-अलग राज्यों में अलग मानक अपनाना चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर असर डाल सकता है। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने एक समान नीति की आवश्यकता पर जोर दिया।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप
सिब्बल ने यह भी आरोप लगाया कि आधुनिक तकनीक, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, का इस्तेमाल कर मतदाता सूची से नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उम्र के आधार पर अजीब मानदंड लागू किए जा रहे हैं, जैसे कि यदि किसी मतदाता और उसके पिता की उम्र में असामान्य अंतर हो, तो नाम सूची से हटाया जा रहा है। उन्होंने इन मानकों को अव्यावहारिक और अनुचित बताया।
चुनावी कार्यक्रम और मौजूदा स्थिति
राज्य में पहले चरण के तहत 152 विधानसभा सीटों पर मतदान जारी है। इसमें उत्तर बंगाल की सभी सीटों के साथ-साथ मुर्शिदाबाद, नदिया, बीरभूम और हुगली के कुछ हिस्से शामिल हैं। चुनाव के अगले चरण की तारीख 29 अप्रैल तय की गई है, जबकि मतगणना चार मई को होगी। इस बीच राजनीतिक बयानबाजी और आरोपों का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे चुनावी माहौल और अधिक सक्रिय बना हुआ है।