StockMarket – आईटी शेयरों में गिरावट से सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में…
StockMarket – लगातार बढ़त के बाद बुधवार को घरेलू शेयर बाजार ने कमजोरी के साथ शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 494 अंकों की गिरावट के साथ 78,779 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 142 अंकों की गिरावट के साथ 24,434 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह आईटी शेयरों में तेज बिकवाली मानी जा रही है, जिससे निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा है।

आईटी कंपनियों के शेयरों पर दबाव
सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में एचसीएल टेक के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के तिमाही नतीजे उम्मीद के अनुरूप नहीं रहने के बाद इसके शेयर करीब 9 प्रतिशत तक टूट गए। हालांकि कंपनी ने मार्च तिमाही में 4,488 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में थोड़ा अधिक है, लेकिन भविष्य को लेकर दिए गए अनुमान ने निवेशकों को निराश किया। कंपनी ने मांग में अनिश्चितता और खर्च में कमी की आशंका जताई है।
अन्य बड़ी कंपनियां भी रहीं कमजोर
आईटी सेक्टर के अलावा टेक महिंद्रा, इंफोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसे दिग्गज शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली। इसके साथ ही आईसीआईसीआई बैंक और एशियन पेंट्स जैसे शेयर भी दबाव में रहे। दूसरी ओर, एनटीपीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, ट्रेंट और टाटा स्टील जैसे कुछ शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जिससे बाजार को थोड़ा सहारा मिला।
रुपये में कमजोरी और तेल कीमतों का असर
वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितताओं का असर भारतीय मुद्रा पर भी पड़ा है। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 31 पैसे गिरकर 93.75 पर पहुंच गया। यह लगातार तीसरा सत्र है जब रुपये में कमजोरी देखी गई है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और पश्चिम एशिया में तनाव को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख
अन्य एशियाई बाजारों की बात करें तो दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स गिरावट में रहे, जबकि जापान का निक्केई 225 और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार भी मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें मामूली गिरावट के साथ 98.20 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहीं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और भू-राजनीतिक स्थिति के चलते तेल कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है। इससे वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ने की संभावना है।
वैश्विक तनाव से बढ़ी अनिश्चितता
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी घटनाक्रम भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। हाल ही में अमेरिका की ओर से दिए गए कुछ बयानों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है, जिससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। इसका सीधा असर निवेशकों की रणनीति और बाजार के रुझान पर पड़ता दिखाई दे रहा है।
कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल सतर्कता का माहौल बना हुआ है। निवेशक आने वाले दिनों में कंपनियों के प्रदर्शन, वैश्विक संकेतों और आर्थिक नीतियों पर नजर बनाए हुए हैं।