UPBoardResult – 23 अप्रैल शाम चार बजे घोषित होंगे 10वीं-12वीं के नतीजे
UPBoardResult – उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम जारी करने की तारीख और समय तय कर दिया है। बोर्ड के अनुसार, 23 अप्रैल को शाम चार बजे दोनों कक्षाओं के नतीजे एक साथ घोषित किए जाएंगे। इस वर्ष बड़ी संख्या में छात्रों ने परीक्षा दी है, ऐसे में परिणाम को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है।

बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने कराया पंजीकरण
बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2026 की परीक्षाओं के लिए कुल 52 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया था। इनमें हाईस्कूल के लगभग 27.5 लाख और इंटरमीडिएट के करीब 24.7 लाख विद्यार्थी शामिल हैं। हाईस्कूल में लड़कों की संख्या 14 लाख से अधिक है, जबकि लड़कियों की संख्या 13 लाख से ऊपर दर्ज की गई है। इसी तरह इंटरमीडिएट में भी छात्र और छात्राओं की संख्या संतुलित रूप से सामने आई है।
टॉपर्स की सूची और स्ट्रीम वाइज परिणाम
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परिणाम जारी करते समय टॉप करने वाले विद्यार्थियों की सूची भी सार्वजनिक की जाएगी। इंटरमीडिएट के नतीजे आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम के आधार पर अलग-अलग प्रस्तुत किए जाएंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित करने की भी योजना है, जिससे छात्रों को आगे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिल सके।
मूल्यांकन प्रक्रिया समय से पहले पूरी
इस बार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरा कर लिया गया था। 18 मार्च से शुरू हुआ मूल्यांकन अभियान 4 अप्रैल तक समाप्त कर दिया गया। इस दौरान प्रदेश भर के 254 केंद्रों पर करीब 1.10 लाख परीक्षकों ने लगभग 2.75 करोड़ कॉपियों की जांच की। बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए विशेष दिशा-निर्देश भी जारी किए थे।
नकल रोकने के लिए सख्त कदम
परीक्षा को निष्पक्ष और नकलविहीन बनाने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया था। प्रदेश में 222 केंद्रों को अति संवेदनशील और 683 को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया। इसके अलावा, कई जिलों में मोबाइल जैमर लगाए गए, ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता को रोका जा सके।
सर्विलांस पर रखे गए संदिग्ध लोग
एसटीएफ और खुफिया एजेंसियों ने परीक्षा के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए रखने के लिए लगभग एक हजार लोगों के मोबाइल नंबर निगरानी में रखे थे। इनमें स्कूल संचालक, शिक्षक, गाइड विक्रेता और अन्य संबंधित लोग शामिल थे। यह कदम परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया था।
परीक्षा केंद्रों का व्यापक नेटवर्क
इस वर्ष यूपी बोर्ड परीक्षाएं प्रदेश के सभी 75 जिलों में आयोजित की गई थीं। कुल 8033 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी को देखते हुए प्रशासन ने व्यवस्थाओं को सुचारु रखने पर विशेष ध्यान दिया।