BusinessSummit – दिल्ली में भारत की आर्थिक क्षमता पर हुआ गहन मंथन
BusinessSummit – राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हाल ही में आयोजित एक अहम कॉन्क्लेव में भारत की आर्थिक दिशा, वैश्विक नेतृत्व क्षमता और निवेश के अवसरों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज़ के पूर्व छात्रों के संगठन स्कोब्सा (SCOBSA) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, कॉर्पोरेट जगत के प्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। ‘भारत मीन्स बिजनेस’ विषय पर केंद्रित इस सम्मेलन में देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और उससे जुड़े संभावित व्यवधानों पर संतुलित चर्चा देखने को मिली।

आर्थिक विकास और चुनौतियों पर केंद्रित चर्चा
कॉन्क्लेव के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत वर्तमान समय में वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हालांकि, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर उत्पन्न हो रहे व्यवधानों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों ने माना कि बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों और वित्तीय अनिश्चितताओं के बीच भारत को अपनी रणनीतियों को और मजबूत करने की आवश्यकता है। इस चर्चा में यह भी सामने आया कि आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए नीतिगत सुधारों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी भी जरूरी है।
आधुनिक पेशेवर जीवन और नवाचार पर फोकस
सम्मेलन में आधुनिक पेशेवर जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने बताया कि तेजी से डिजिटल हो रही दुनिया में काम करने के तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव आया है। भारत की नवाचार क्षमता और बढ़ते उपभोक्ता बाजार को भविष्य की सबसे बड़ी ताकतों में गिना गया। साथ ही, देश के मजबूत बुनियादी ढांचे और तकनीकी प्रगति को आर्थिक विकास के प्रमुख आधार के रूप में रेखांकित किया गया।
उद्योग जगत के दिग्गजों की भागीदारी
कार्यक्रम में कई प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए। लाइट्सस्पीड इंडिया के विवेक गंभीर ने बदलते दौर में प्रभावी नेतृत्व की भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं, लॉरियल इंडिया के असीम कौशिक और पब्लिकिस सैपिएंट के संजय मेनन ने बाजार की बदलती जरूरतों और उपभोक्ता व्यवहार पर अपने विचार रखे। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया इस आयोजन का प्रमुख प्रायोजक रहा, जिसने इस तरह के मंचों के महत्व को रेखांकित किया।
युवा नेतृत्व और पूंजी बाजार पर चर्चा
कॉन्क्लेव में यह भी बताया गया कि पूंजी बाजारों के विस्तार के साथ युवा बिजनेस लीडर्स की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। द कन्वर्जेंस फाउंडेशन के आशीष धवन ने संस्थागत निर्माण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि मजबूत संस्थाएं ही दीर्घकालिक विकास का आधार बनती हैं। इस दौरान व्यावहारिक अनुभवों और रणनीतिक सोच को लेकर भी विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
वेलनेस और पेशेवर संतुलन की अहमियत
कार्यक्रम में कार्य-जीवन संतुलन और व्यक्तिगत वेलनेस जैसे विषयों को भी प्रमुखता दी गई। इस्प्रवा रियल्टी की दर्शिनी थानावाला ने दैनिक जीवन में वेलनेस को शामिल करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर पेशेवर सफलता हासिल करना टिकाऊ नहीं होता।
भारत के प्रमुख क्षेत्रों पर भरोसा कायम
सम्मेलन में मौजूद विशेषज्ञों ने माना कि भारत का विनिर्माण और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र वैश्विक प्रतिस्पर्धा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। असीम कौशिक ने शहीद सुखदेव कॉलेज के पूर्व छात्रों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के नेटवर्क विचारों के आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देते हैं।
दिल्ली में सफल आयोजन
यह कॉन्क्लेव 18 अप्रैल 2026 को दिल्ली के कापसहेड़ा स्थित वेलकमहोटल बाय आईटीसी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्कोब्सा अध्यक्ष नीति माकर के स्वागत संबोधन से हुई, जबकि कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर पूनम वर्मा ने संस्थागत संदेश दिया। कार्यक्रम ने उद्योग, शिक्षा और नीति के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक पहल पेश की।