DeputyCM – विजय कुमार चौधरी बने बिहार के नए उपमुख्यमंत्री
DeputyCM – बिहार की राजनीति में एक अहम बदलाव सामने आया है, जहां समस्तीपुर जिले के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र से आने वाले जदयू नेता विजय कुमार चौधरी ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। उनके इस नए दायित्व को लेकर न केवल राजनीतिक हलकों में चर्चा है, बल्कि उनके गृह जिले में भी उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। शपथ ग्रहण के बाद समर्थकों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई दी और उनके लंबे राजनीतिक अनुभव को इस जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त बताया।

नीतीश कुमार के विश्वसनीय सहयोगी के रूप में पहचान
विजय कुमार चौधरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी और भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता है। पार्टी संगठन में उनकी भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है और वे जदयू की नीतियों को जमीन तक पहुंचाने में सक्रिय रहे हैं। भूमिहार समुदाय से आने वाले चौधरी ने पार्टी के भीतर अपनी मजबूत पकड़ और संतुलित छवि के चलते नेतृत्व का विश्वास अर्जित किया है। यही कारण है कि उन्हें राज्य की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
लंबा और विविध अनुभव वाला राजनीतिक सफर
विजय कुमार चौधरी का राजनीतिक जीवन कई दशकों में फैला हुआ है। राजनीति में कदम रखने से पहले वे भारतीय स्टेट बैंक में अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। पारिवारिक पृष्ठभूमि भी राजनीतिक रही है, उनके पिता विधायक रह चुके थे। उनके निधन के बाद वर्ष 1982 में चौधरी ने दलसिंहसराय सीट से उपचुनाव लड़ा और जीत दर्ज कर सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने लगातार अपने अनुभव और कार्यशैली से पहचान बनाई।
कांग्रेस से जदयू तक का सफर
अपने शुरुआती राजनीतिक दौर में विजय कुमार चौधरी कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे और 1985 से 1990 तक दलसिंहसराय से विधायक रहे। बाद में उन्होंने राजनीतिक दिशा बदलते हुए 2005 में जदयू का दामन थामा। इसके बाद से वे नीतीश कुमार के नेतृत्व में लगातार सक्रिय रहे और वर्तमान में सरायरंजन सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सरकार में अहम जिम्मेदारियों का अनुभव
विजय कुमार चौधरी ने राज्य सरकार में कई प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी संभाली है। वे जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा शिक्षा, वित्त और वाणिज्य कर जैसे विभागों का नेतृत्व भी उन्होंने किया है। उनकी प्रशासनिक समझ और अनुभव के चलते उन्हें बिहार विधानसभा का अध्यक्ष भी बनाया गया था। इन सभी भूमिकाओं में उनके कामकाज को संतुलित और प्रभावी माना गया है।
जिले में जश्न और उम्मीदों का माहौल
उपमुख्यमंत्री बनने के बाद समस्तीपुर जिले में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों और समर्थकों ने इस उपलब्धि को अपने क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण बताया है। उनके समर्थकों का मानना है कि इस नई जिम्मेदारी के साथ वे राज्य के विकास में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाएंगे। साथ ही, उनके अनुभव से सरकार को नीतिगत स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।