TempleVisit – पीएम मोदी के दौरे से डाट काली मंदिर दो दिन बंद
TempleVisit – देहरादून स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां डाट काली मंदिर में आगामी दो दिनों तक आम श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दर्शन कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के निर्देश पर रविवार शाम से ही मंदिर परिसर में आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई। इस दौरान भक्त 14 अप्रैल की दोपहर तक माता के दर्शन नहीं कर सकेंगे।

सुरक्षा कारणों से लिया गया अभूतपूर्व फैसला
मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह पहली बार है जब लगातार दो दिनों तक श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। आमतौर पर यहां सालभर भक्तों की भारी भीड़ रहती है, लेकिन इस विशेष मौके पर सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है, जिसके चलते यह कदम उठाना आवश्यक हो गया।
14 अप्रैल को दोपहर बाद खुलेंगे मंदिर के द्वार
मंदिर समिति ने स्पष्ट किया है कि 14 अप्रैल को दोपहर करीब दो बजे के बाद ही श्रद्धालुओं को फिर से दर्शन की अनुमति दी जाएगी। तब तक पूरे परिसर को सुरक्षा एजेंसियों के नियंत्रण में रखा जाएगा। मंदिर के सेवादारों ने बताया कि इस दौरान केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति रहेगी।
पीएम मोदी के दौरे की तैयारियां तेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे के लोकार्पण कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे। इसी दौरान उनका मां डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना का कार्यक्रम भी तय है। इसे लेकर मंदिर परिसर में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए प्रशासन और मंदिर समिति के बीच लगातार समन्वय बैठकों का आयोजन किया जा रहा है।
सीएम योगी करेंगे पूर्व निरीक्षण
प्रधानमंत्री के आगमन से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे और तैयारियों का जायजा लेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे दोपहर बाद एलिवेटेड कॉरिडोर का निरीक्षण करते हुए मंदिर पहुंचेंगे। यहां करीब 15 मिनट रुककर दर्शन करने के बाद वे वापस रवाना हो जाएंगे। उनके दौरे को भी ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
स्थानीय श्रद्धालुओं में मिली-जुली प्रतिक्रिया
मंदिर बंद होने की सूचना के बाद स्थानीय श्रद्धालुओं में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे सुरक्षा के लिहाज से जरूरी मान रहे हैं, वहीं कई भक्तों को निराशा भी हुई है क्योंकि वे नियमित रूप से दर्शन के लिए आते हैं। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि यह अस्थायी व्यवस्था है और 14 अप्रैल के बाद सब कुछ सामान्य हो जाएगा।
मंदिर प्रशासन ने की सहयोग की अपील
मंदिर समिति और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय का पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग दें। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के बड़े आयोजनों में सुरक्षा सर्वोपरि होती है, इसलिए सभी को धैर्य बनाए रखना चाहिए।