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SEBIUpdate – नए डिजिटल प्लेटफॉर्म से बाजार निगरानी और पारदर्शिता मजबूत

SEBIUpdate – पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कारोबार को आसान बनाने और साइबर सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से तीन नए आईटी प्लेटफॉर्म शुरू किए हैं। इस पहल की जानकारी हाल ही में जारी आधिकारिक बयान में दी गई। इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए न सिर्फ संस्थाओं के साथ संवाद को बेहतर बनाया जाएगा, बल्कि अर्द्ध-न्यायिक प्रक्रियाओं को भी पूरी तरह डिजिटल रूप में संचालित किया जा सकेगा।

नई पहल से बढ़ेगी पारदर्शिता और दक्षता

सेबी का मानना है कि इन तकनीकी सुधारों से बाजार से जुड़े सभी पक्षों के बीच पारदर्शिता बढ़ेगी और कामकाज की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी। लंबे समय से ईमेल आधारित संवाद प्रणाली में कई तरह की सीमाएं सामने आ रही थीं, जिन्हें अब एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए दूर करने की कोशिश की गई है।

SUPCOMS प्लेटफॉर्म से संवाद होगा केंद्रीकृत

‘सिंगल यूनिवर्सल प्लेटफॉर्म फॉर कम्युनिकेशंस’ यानी SUPCOMS को इस तरह तैयार किया गया है कि यह सभी आधिकारिक संवादों को एक ही जगह पर उपलब्ध कराए। इससे संस्थाओं और सेबी के बीच होने वाली बातचीत बिखरने की समस्या खत्म होगी। यह प्रणाली एक तरह की डिजिटल रिकॉर्ड व्यवस्था भी तैयार करेगी, जिससे भविष्य में किसी भी जानकारी को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा।

ई-एडज्यूडिकेशन पोर्टल से प्रक्रियाएं होंगी डिजिटल

ई-एडज्यूडिकेशन पोर्टल को खास तौर पर अर्द्ध-न्यायिक कार्यवाहियों को ऑनलाइन करने के लिए विकसित किया गया है। इसके माध्यम से संबंधित पक्ष नोटिस प्राप्त करने, जवाब दाखिल करने और सुनवाई में भाग लेने जैसी सभी प्रक्रियाएं डिजिटल तरीके से पूरी कर सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

C-SAC प्लेटफॉर्म से साइबर सुरक्षा पर नजर

साइबर-सेक ऑडिट कंप्लायंस यानी C-SAC एक उन्नत तकनीक आधारित प्लेटफॉर्म है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से साइबर ऑडिट रिपोर्ट का विश्लेषण करेगा। यह सिस्टम संभावित जोखिमों और अनुपालन में कमियों की पहचान करेगा और संबंधित संस्थाओं को एक जोखिम स्कोर भी प्रदान करेगा। इससे निगरानी प्रक्रिया अधिक प्रभावी और डेटा आधारित बन सकेगी।

डिजिटल बदलाव से घटेगा मैनुअल काम

इन प्लेटफॉर्म्स के लागू होने से मैनुअल प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम होगी और कामकाज तेज गति से हो सकेगा। सेबी का उद्देश्य है कि बाजार से जुड़े सभी प्रतिभागियों को एक सरल, सुरक्षित और पारदर्शी डिजिटल माहौल मिले, जिससे नियामकीय प्रक्रियाएं सुगम बन सकें।

नियामक ढांचे में तकनीकी सुधार की दिशा में कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के डिजिटल प्लेटफॉर्म से न सिर्फ निगरानी मजबूत होगी, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया भी अधिक सटीक और समयबद्ध बनेगी। आने वाले समय में इस पहल का असर पूरे पूंजी बाजार की कार्यप्रणाली पर देखने को मिल सकता है।

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