ImtiazAli – सीक्वल पर चुप्पी तोड़ी, ‘जब वी मेट’ पर दिया साफ संकेत
ImtiazAli – फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली एक बार फिर अपनी चर्चित फिल्मों को लेकर सुर्खियों में हैं। ‘जब वी मेट’, ‘तमाशा’, ‘रॉकस्टार’ और ‘लव आज कल’ जैसी फिल्मों से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने वाले इम्तियाज से अक्सर उनकी पुरानी हिट फिल्मों के सीक्वल को लेकर सवाल पूछे जाते हैं। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने इस विषय पर खुलकर अपनी राय रखी और साफ कर दिया कि हर सफल फिल्म का सीक्वल बनाना जरूरी नहीं होता।

सीक्वल बनाने को लेकर क्या है निर्देशक की सोच
एक बातचीत के दौरान इम्तियाज अली ने कहा कि लोग उनसे लगातार उनकी लोकप्रिय फिल्मों के अगले भाग के बारे में पूछते रहते हैं। इस पर उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि ‘लव आज कल’ का सीक्वल बनाया गया था, लेकिन उसे वैसी प्रतिक्रिया नहीं मिली, जैसी उम्मीद थी। उनके मुताबिक, केवल किसी फिल्म की लोकप्रियता के आधार पर उसका दूसरा भाग बनाना सही फैसला नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि सीक्वल तभी बनाना चाहिए जब उसके पीछे एक मजबूत और दिलचस्प कहानी हो।
‘जब वी मेट’ को लेकर साफ किया रुख
इम्तियाज अली ने खासतौर पर ‘जब वी मेट’ के सीक्वल पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस फिल्म के दूसरे भाग को लेकर उनका कोई इरादा नहीं है। उनके अनुसार, कुछ कहानियां और किरदार ऐसे होते हैं जिन्हें उसी रूप में छोड़ देना बेहतर होता है, क्योंकि वही उनकी असली खूबसूरती होती है। उन्होंने ‘जब वी मेट’ को एक ऐसी फिल्म बताया, जिसे वह एक विरासत की तरह सहेजकर रखना चाहते हैं।
‘तमाशा’ के अगले भाग पर भी नहीं कोई योजना
रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण अभिनीत ‘तमाशा’ को लेकर भी इम्तियाज अली ने साफ किया कि इसके सीक्वल पर फिलहाल कोई काम नहीं चल रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि जब तक कोई नई और प्रभावशाली कहानी सामने नहीं आती, तब तक वह किसी भी फिल्म के दूसरे भाग पर विचार नहीं करेंगे। उनके इस बयान से साफ है कि वह अपनी फिल्मों के साथ प्रयोग करने से पहले कहानी को प्राथमिकता देते हैं।
नई फिल्म से फिर उम्मीदें
इम्तियाज अली अब अपनी अगली फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को लेकर व्यस्त हैं, जो 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ, शरवरी वाघ और वेदांग रैना मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। जानकारी के मुताबिक, यह एक प्रेम कहानी है, जिसकी पृष्ठभूमि 1970 के दशक में रखी गई है। दर्शकों को उम्मीद है कि इम्तियाज एक बार फिर अपने खास अंदाज में कहानी को पर्दे पर पेश करेंगे।
कहानी को प्राथमिकता देने पर जोर
इम्तियाज अली के बयान से यह स्पष्ट होता है कि वह फिल्मों के सीक्वल को लेकर किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं। उनके लिए किसी भी प्रोजेक्ट की सफलता से ज्यादा महत्वपूर्ण उसकी कहानी और प्रस्तुति है। यही वजह है कि वह अपनी पुरानी फिल्मों को दोहराने के बजाय नई कहानियों के साथ दर्शकों के सामने आना पसंद करते हैं।



