उत्तर प्रदेश

CyberFraud – डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बुजुर्ग महिला से हुई लाखों की ठगी

CyberFraud – लखनऊ के कृष्णानगर इलाके में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जालसाजों ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर 78 वर्षीय समाजसेविका को कई दिनों तक मानसिक दबाव में रखा और उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए। पीड़िता वीना खुराना को इस दौरान तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखा गया और डर का माहौल बनाकर पैसे ट्रांसफर कराए गए। हालांकि, बैंक कर्मचारियों की सतर्कता से आगे होने वाली ठगी को रोका जा सका।

फर्जी कॉल से शुरू हुआ पूरा खेल

पीड़िता के अनुसार, उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को लखनऊ पुलिस मुख्यालय से जुड़ा अधिकारी बताया। बातचीत के दौरान उसने उनके परिवार से जुड़ी जानकारी ली और फिर दावा किया कि उनके आधार कार्ड से कुछ संदिग्ध सिम कार्ड जारी हुए हैं। इस बात को लेकर उन्हें गंभीर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई, जिससे वह घबरा गईं।

आतंकवाद से जोड़कर डराया गया

ठग ने महिला को यह भी बताया कि कथित रूप से उनके नाम से जुड़े सिम कार्ड का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों में किया गया है। उसने उन्हें मुंबई में जांच एजेंसी के सामने पेश होने की बात कही और ऐसा न करने पर मामला दर्ज करने की धमकी दी। इस तरह के आरोपों ने पीड़िता को मानसिक रूप से बेहद विचलित कर दिया।

वीडियो कॉल पर दबाव बनाकर वसूली

कुछ ही देर बाद महिला को वीडियो कॉल के जरिए फिर संपर्क किया गया, जहां एक अन्य व्यक्ति ने खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताया। उसने पूछताछ के नाम पर महिला को किसी से संपर्क न करने और निर्देशों का पालन करने के लिए कहा। इस दौरान उन्हें लगातार डराया गया और कथित सुरक्षा का हवाला देकर बैंक के जरिए करीब आठ लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।

बैंक कर्मी की सतर्कता से बड़ा नुकसान टला

ठगों ने इसके बाद महिला से और रकम मांगनी शुरू कर दी। जब वह अतिरिक्त पैसे निकालने बैंक पहुंचीं, तो वहां मौजूद कर्मचारी को संदेह हुआ। पूछताछ करने पर महिला ने पूरी घटना बताई, जिसके बाद उन्हें तुरंत शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई। इस सतर्कता के चलते पांच लाख रुपये की अतिरिक्त ठगी रुक गई।

पुलिस जांच में जुटी

पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और संबंधित बैंक खातों की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिन खातों में पैसे भेजे गए हैं, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।

ऐसे मामलों में कैसे रहें सावधान

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान कॉल पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति खुद को अधिकारी बताकर डराने की कोशिश करे, तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। ऐसे मामलों में सीधे स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करना सबसे सुरक्षित कदम होता है।

शिकायत दर्ज कराने के तरीके

अगर कोई व्यक्ति इस तरह की ठगी का शिकार होता है, तो वह नजदीकी साइबर क्राइम थाने, स्थानीय पुलिस स्टेशन या टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी रिपोर्ट की जा सकती है।

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