राष्ट्रीय

WestBengalElections – मतदाता सूची विवाद पर ममता बनर्जी ने उठाए गंभीर सवाल

WestBengalElections – पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नदिया जिले के चकदहा में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान मतदाता सूची को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अंतिम सूची से खास समुदायों के लोगों के नाम हटाए गए हैं, जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए चिंता का विषय बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मुद्दा केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि संवैधानिक महत्व का है, और उनकी पार्टी प्रभावित लोगों के साथ खड़ी रहेगी।

मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप

रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों के नाम सूची से गायब पाए गए हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल तकनीकी त्रुटि नहीं हो सकती, बल्कि इसके पीछे गंभीर लापरवाही या अन्य कारण हो सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की स्थिति से कई योग्य मतदाता अपने अधिकार से वंचित हो सकते हैं।

कानूनी लड़ाई की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनके लिए उनकी पार्टी कानूनी रास्ता अपनाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले को ट्रिब्यूनल में ले जाया जाएगा और प्रभावित मतदाताओं को न्याय दिलाने की हर संभव कोशिश की जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे ऐसे मामलों की जानकारी एकत्र करें ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।

चुनाव आयोग के आंकड़े और दावे

हाल ही में जारी चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के बाद राज्य में लगभग 91 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप के बाद बड़ी संख्या में नाम फिर से जोड़े गए हैं। उनके अनुसार, लंबित मामलों में से करीब 32 लाख नाम बहाल किए गए हैं, जिससे कई लोगों को राहत मिली है।

चुनावी कार्यक्रम और राजनीतिक माहौल

पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को निर्धारित है। चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर उठे इस विवाद ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। विभिन्न दल इस मुद्दे को लेकर अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जिससे चुनावी बहस का केंद्र बदलता नजर आ रहा है।

लोकतांत्रिक अधिकारों पर जोर

ममता बनर्जी ने अपने भाषण में कहा कि हर नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए और इसे किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने इसे लोकतंत्र की मूल भावना से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी होती है, तो उसे तुरंत ठीक किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना सभी संस्थाओं की जिम्मेदारी है।

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.