StockMarketUpdate – कच्चे तेल में उछाल से बाजार में उतार-चढ़ाव, अंत में दिखी तेजी
StockMarketUpdate – पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के असर से सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने कमजोर शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में नजर आए, लेकिन दिन चढ़ने के साथ बाजार ने धीरे-धीरे रिकवरी दिखाई और दोपहर तक बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। यह उतार-चढ़ाव निवेशकों के बीच बनी अनिश्चितता को दर्शाता है।

सुबह के कारोबार में दिखी गिरावट
कारोबार की शुरुआत में बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 270 अंकों की गिरावट के साथ 73,049 के आसपास पहुंच गया था। वहीं, एनएसई निफ्टी भी लगभग 93 अंक फिसलकर 22,619 के स्तर पर आ गया। सुबह 10:30 बजे तक बाजार में दबाव और बढ़ गया, जिससे सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक गिरकर 72,800 के करीब और निफ्टी 22,570 के आसपास कारोबार करता दिखा। इस दौरान निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना रहा।
दोपहर बाद बाजार में लौटी मजबूती
हालांकि, दिन के दूसरे हिस्से में बाजार ने तेजी पकड़ी और सकारात्मक रुख के साथ ऊपर चढ़ने लगा। दोपहर करीब 1:15 बजे सेंसेक्स 430 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ 73,750 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी भी करीब 144 अंक चढ़कर 22,857 के आसपास कारोबार करता दिखा। यह रिकवरी इस बात का संकेत है कि बाजार में खरीदारी का रुझान बना रहा, हालांकि उतार-चढ़ाव जारी रहा।
रुपये में मजबूती दर्ज
शेयर बाजार की हलचल के बीच भारतीय मुद्रा में भी हल्की मजबूती देखने को मिली। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 33 पैसे मजबूत होकर 92.85 के स्तर पर पहुंच गया। यह संकेत देता है कि विदेशी मुद्रा बाजार में भी कुछ स्थिरता बनी रही, भले ही वैश्विक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं।
इन कंपनियों के शेयरों में रही हलचल
सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा, इंटरग्लोब एविएशन, अदानी पोर्ट्स और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर दबाव में रहे। वहीं, ट्रेंट, टाइटन, टेक महिंद्रा और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियों ने बेहतर प्रदर्शन किया और बाजार को सहारा दिया। इस मिश्रित रुख ने बाजार की दिशा को अस्थिर बनाए रखा।
विशेषज्ञों ने जताई सतर्कता
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर आने वाले दिनों में भी देखने को मिल सकता है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, इस तरह के भू-राजनीतिक हालात बाजार में अस्थिरता बढ़ाते हैं और निवेशक खबरों के आधार पर तेजी से प्रतिक्रिया देते हैं। वहीं, अन्य विश्लेषकों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक घटनाक्रम फिलहाल बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
एशियाई बाजारों में सकारात्मक संकेत
भारतीय बाजारों के विपरीत, एशियाई बाजारों में कुछ मजबूती देखी गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं, गुड फ्राइडे के कारण अमेरिकी बाजार बंद रहे, जिससे वैश्विक संकेत सीमित रहे।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर करीब 109.8 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। तेल की कीमतों में यह बढ़ोतरी वैश्विक आर्थिक चिंताओं को और बढ़ा रही है। निवेशक इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि आने वाले दिनों में तेल के दाम और भू-राजनीतिक हालात बाजार को किस दिशा में ले जाते हैं।