BadrinathRules – धाम में धार्मिक आयोजनों पर अनुमति अनिवार्य, नए नियम लागू
BadrinathRules – बदरीनाथ धाम में व्यवस्थाओं को व्यवस्थित और नियंत्रित करने के लिए नगर पंचायत ने नए नियम लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन नियमों के तहत अब भागवत कथा, भंडारा और अन्य धार्मिक या विशेष आयोजनों के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना अनुमति के कार्यक्रम आयोजित करने पर जुर्माने का प्रावधान भी रखा गया है, जिससे धाम में अनियंत्रित गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।

धार्मिक आयोजनों के लिए अनुमति जरूरी
नगर पंचायत के अनुसार अब बदरीनाथ क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति या संस्था बिना अनुमति के धार्मिक आयोजन नहीं कर सकेगी। इसके लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन किया जा सकता है। यदि कोई बिना अनुमति कार्यक्रम करता है, तो उस पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। प्रशासन का कहना है कि इससे धाम में बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
मांस लाने पर सख्त प्रतिबंध
नई व्यवस्था के तहत बदरीनाथ क्षेत्र में मांस लाने और उसके उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। यदि कोई इस नियम का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा। यह कदम धार्मिक स्थल की पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है, क्योंकि पहले भी इस तरह के मामलों की शिकायतें सामने आती रही हैं।
झुग्गी-झोपड़ी निर्माण पर नियंत्रण
नगर पंचायत ने अस्थायी आवासों को लेकर भी सख्त नियम बनाए हैं। अब बिना अनुमति के किसी भी प्रकार की झुग्गी या अस्थायी ढांचा खड़ा नहीं किया जा सकेगा। यदि किसी को निर्माण करना है, तो उसे पहले पंचायत से अनुमति लेनी होगी और निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। इसमें स्वच्छता से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं, जैसे कि शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य होगी।
तीन उपविधियों के जरिए लागू होगी व्यवस्था
इन सभी व्यवस्थाओं को लागू करने के लिए नगर पंचायत ने तीन अलग-अलग उपविधियां तैयार की हैं। इनमें मांसाहार प्रतिबंध, अस्थायी आवास नियंत्रण और धार्मिक आयोजनों के संचालन से जुड़ी उपविधियां शामिल हैं। इन प्रस्तावों को सुझाव और आपत्तियों के बाद गजट नोटिफिकेशन के लिए आगे भेज दिया गया है। इसके लागू होने के बाद नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
यूजर चार्ज और निगरानी की व्यवस्था
नगर पंचायत ने अनुमति प्रक्रिया के साथ यूजर चार्ज भी निर्धारित करने का फैसला लिया है। इससे आयोजन की व्यवस्था और निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचते हैं और कई लोग बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित कर देते हैं, जिससे व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ता है।
अधिकारियों ने बताया जरूरी कदम
ज्योतिर्मठ के उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ के अनुसार गजट नोटिफिकेशन के बाद ये नियम प्रभावी हो जाएंगे। वहीं नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित ने बताया कि पहले भी कुछ मामलों में मांस लाने की घटनाएं सामने आई थीं, जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इन नियमों से धाम की पवित्रता और व्यवस्था दोनों को बनाए रखने में मदद मिलेगी।


