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FarmLeader – गलत निकली ओडिशा में राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की खबर

FarmLeader – ओडिशा में किसान नेता राकेश टिकैत की गिरफ्तारी को लेकर फैली खबरों पर अब स्थिति साफ हो गई है। कटक पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, टिकैत को न तो गिरफ्तार किया गया है और न ही हिरासत में लिया गया है। वे फिलहाल एक सरकारी गेस्ट हाउस में ठहरे हुए हैं और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्य से रवाना होने वाले हैं।

पुलिस ने स्पष्ट किया पूरा मामला

कटक के पुलिस आयुक्त सुरेश देव दत्ता सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राकेश टिकैत ओडिशा एक किसान संगठन के निमंत्रण पर पहुंचे थे। भुवनेश्वर में उनकी गिरफ्तारी की जो खबरें सामने आई थीं, वे पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने बताया कि टिकैत स्वतंत्र रूप से गेस्ट हाउस में ठहरे हैं और उन पर किसी तरह की पाबंदी नहीं लगाई गई है। वे अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी वहां से जा सकते हैं।

रैली के कार्यक्रम में हुआ बदलाव

पुलिस के मुताबिक, किसानों की एक रैली 31 मार्च को प्रस्तावित थी, लेकिन आयोजन में बदलाव करते हुए इसे एक दिन पहले ही आयोजित कर लिया गया। इस दौरान कुछ आयोजकों को एहतियातन हिरासत में लिया गया, हालांकि टिकैत या अन्य प्रमुख नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि लोकसभा सांसद सुधाकर सिंह को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है और उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है।

किसान आंदोलन के समर्थन में पहुंचे थे टिकैत

जानकारी के अनुसार, भुवनेश्वर में किसान विभिन्न मांगों को लेकर 22 मार्च से आंदोलन कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं को यहां आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था। इसी क्रम में राकेश टिकैत भी अपने समर्थकों के साथ ओडिशा पहुंचे थे। रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोका और बाद में उन्हें गेस्ट हाउस पहुंचाया गया, जिसके बाद गिरफ्तारी की अफवाह फैल गई।

अफवाह से बढ़ा तनाव, बाद में स्थिति हुई स्पष्ट

टिकैत की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में उनके समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली। भाकियू कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और कुछ स्थानों पर थाने के बाहर धरना भी दिया। कई कार्यकर्ता भौराकलां थाने में जमा हो गए और देर रात तक प्रदर्शन चलता रहा। हालांकि बाद में जब पुलिस की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई, तब मामला शांत हुआ।

प्रशासन ने अफवाहों से बचने की अपील की

पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि के किसी भी खबर पर विश्वास न करें। अधिकारियों का कहना है कि चुनावी और आंदोलन के माहौल में अफवाहें तेजी से फैलती हैं, जिससे अनावश्यक तनाव पैदा हो सकता है। इसलिए आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना जरूरी है।

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