IPLTickets – कर्नाटक में विधायकों को मैच के लिए मुफ्त टिकट देने का फैसला
IPLTickets – इंडियन प्रीमियर लीग के उद्घाटन मुकाबले से पहले कर्नाटक की राजनीति में एक अलग ही मुद्दा चर्चा में आ गया था, जिसे अब सरकार ने सुलझाने की कोशिश की है। राज्य सरकार ने विधायकों की मांग को ध्यान में रखते हुए उन्हें आईपीएल मैच के लिए मुफ्त टिकट देने का निर्णय लिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इस मुद्दे को लेकर विधानसभा से लेकर सार्वजनिक मंचों तक बहस तेज हो गई थी।

विधायकों को दो टिकट देने पर बनी सहमति
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि पहले परंपरा के तहत जनप्रतिनिधियों को एक टिकट दिया जाता था, लेकिन अब इसमें बदलाव करते हुए प्रत्येक विधायक, सांसद और मंत्री को दो टिकट दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह व्यवस्था उद्घाटन मैच के लिए लागू की गई है और आगे के मुकाबलों के लिए अलग से निर्णय लिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे विवाद को शांत करने में मदद मिलेगी।
चार टिकट की मांग पर सरकार ने जताई असमर्थता
हालांकि कुछ विधायकों ने प्रति सदस्य चार टिकट देने की मांग उठाई थी, लेकिन सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया। शिवकुमार ने साफ कहा कि संसाधनों और व्यवस्थाओं को देखते हुए चार टिकट देना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि दो टिकट का प्रावधान परिवार के साथ मैच देखने की सुविधा को ध्यान में रखकर किया गया है। इस मुद्दे पर सरकार ने संतुलित रुख अपनाने की कोशिश की है।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई
यह पूरा मामला तब सामने आया जब कांग्रेस विधायक विजयानंद कशप्पनवर ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने सभी विधायकों के लिए चार-चार टिकट की मांग की और कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन पर जनप्रतिनिधियों के सम्मान में कमी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि विधायकों को सामान्य दर्शकों की तरह लाइन में लगना उचित नहीं है। इस मांग को सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों के कई सदस्यों का समर्थन भी मिला।
क्रिकेट एसोसिएशन और सरकार के बीच बैठक
विवाद बढ़ने के बाद इसे सुलझाने के लिए पहल की गई। शुक्रवार को पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ बैठक की। इस बैठक में टिकट आवंटन को लेकर सहमति बनाने की कोशिश की गई, जिसके बाद दो टिकट देने का फैसला सामने आया।
स्टेडियम में अलग स्टैंड की व्यवस्था
सिर्फ टिकट ही नहीं, बल्कि विधायकों के बैठने की व्यवस्था को लेकर भी निर्णय लिया गया है। सहमति बनी है कि जनप्रतिनिधियों के लिए स्टेडियम में अलग से स्टैंड उपलब्ध कराया जाएगा। इससे उन्हें मैच देखने में सुविधा होगी और आयोजन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सकेगा।
आगे की रणनीति पर नजर
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य के मैचों के लिए व्यवस्था परिस्थितियों के अनुसार तय की जाएगी। फिलहाल ध्यान इस बात पर है कि उद्घाटन मैच के दौरान कोई विवाद न हो और सभी पक्ष संतुष्ट रहें। इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखाया है कि खेल आयोजनों से जुड़े मुद्दे कभी-कभी राजनीतिक चर्चा का विषय बन जाते हैं।
कुल मिलाकर, सरकार और क्रिकेट एसोसिएशन के बीच हुई सहमति से तत्काल विवाद पर विराम लगता दिखाई दे रहा है, हालांकि आगे इस तरह के मामलों को लेकर स्पष्ट नीति की जरूरत महसूस की जा रही है।



