MiddleEastCrisis – इस्राइल ने ईरानी शीर्ष नेताओं को हिट लिस्ट से हटाया
MiddleEastCrisis – पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक अहम कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्राइल ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ को अपनी संभावित निशाने की सूची से बाहर कर दिया है। इसे मौजूदा हालात में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, खासकर तब जब क्षेत्र में संघर्ष को रोकने के प्रयास लगातार जारी हैं।

पाकिस्तान की पहल के बाद बदला रुख
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फैसले के पीछे पाकिस्तान की ओर से की गई पहल को अहम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने अमेरिका से संपर्क कर इन दोनों ईरानी नेताओं को निशाना न बनाने की अपील की थी। पाकिस्तान का तर्क था कि अगर ये वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षित नहीं रहते, तो किसी भी संभावित वार्ता की गुंजाइश खत्म हो सकती है। इसके बाद अमेरिका ने इस्राइल से संयम बरतने का आग्रह किया, जिसके चलते यह बदलाव देखने को मिला।
रिपोर्ट्स में सामने आई संभावित कार्रवाई की जानकारी
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में पाकिस्तानी सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि इस्राइल को इन दोनों नेताओं की लोकेशन की जानकारी थी और उन्हें निशाना बनाने की योजना पर विचार किया जा रहा था। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तौर पर इस्राइल की ओर से कोई सार्वजनिक पुष्टि नहीं की गई है। फिर भी, इस तरह की खबरें क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं को उजागर करती हैं।
शांति प्रयासों के बीच बढ़ी कूटनीतिक सक्रियता
इस घटनाक्रम को उस समय देखा जा रहा है जब ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए कई देशों की ओर से मध्यस्थता की कोशिशें हो रही हैं। पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश संवाद के जरिए समाधान निकालने के प्रयास में लगे हुए हैं। ऐसे में इस्राइल का यह कदम संभावित बातचीत के लिए माहौल तैयार करने की दिशा में एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
इस्लामाबाद में संभावित बैठक पर नजरें
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इस सप्ताह इस्लामाबाद में एक अहम बैठक आयोजित हो सकती है, जिसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, ईरानी संसद अध्यक्ष गालिबाफ भी इस मंच के जरिए विभिन्न पक्षों के संपर्क में बताए जा रहे हैं। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संकेत दिया है कि फिलहाल संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत की दिशा में कोई स्पष्ट योजना नहीं है।
प्रस्तावों पर जारी है विचार-विमर्श
इस बीच, जानकारी सामने आई है कि ईरान अमेरिका की ओर से भेजे गए एक प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, जिसे पाकिस्तान के जरिए पहुंचाया गया था। इस प्रस्ताव में परमाणु कार्यक्रम से जुड़े कई अहम मुद्दों पर शर्तें रखी गई हैं, जैसे उच्च स्तर के यूरेनियम भंडार को हटाना, संवर्धन गतिविधियों को सीमित करना और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर नियंत्रण। साथ ही क्षेत्रीय समूहों को वित्तीय सहायता बंद करने की भी बात शामिल बताई जा रही है।



