CoalTheft – धनबाद खदान में धावा, केबल चोरी से बढ़ी चिंता
CoalTheft – झारखंड के धनबाद जिले में एक बार फिर खदान क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बाघमारा थाना क्षेत्र के रामकनाली ओपी अंतर्गत बीसीसीएल एरिया-4 की रामकनाली कोलियरी में बीती रात अपराधियों ने सुनियोजित तरीके से घुसकर बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना में करीब 600 फीट लंबा केबल काटकर ले जाया गया, जिससे खदान संचालन के साथ-साथ आसपास के इलाके में जल आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

मुख्य द्वार तोड़कर अंदर पहुंचे अपराधी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अपराधियों ने खदान के मुख्य प्रवेश द्वार को क्षतिग्रस्त कर अंदर प्रवेश किया। वहां मौजूद कर्मचारियों को पहले काबू में किया गया और उनसे कैपलैम्प छीन लिए गए, जिससे वे अंधेरे में कुछ समझ नहीं सके। इसके बाद सभी कर्मियों को एक स्थान पर रोककर बंधक बना लिया गया। अपराधियों ने मौके का फायदा उठाते हुए खदान में बिछे महंगे केबल को काटकर अपने साथ ले गए और जाते-जाते संचार व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाया।
कर्मचारियों के बाहर न आने से हुआ खुलासा
घटना का पता उस समय चला जब निर्धारित समय के बाद भी खदान के कर्मचारी बाहर नहीं आए। इस पर खदान प्रभारी को संदेह हुआ और वह मौके पर पहुंचे। वहां पहुंचने पर कर्मचारियों को बंधक अवस्था में पाया गया, जिन्हें बाद में सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके तुरंत बाद अधिकारियों को सूचना दी गई और पूरे मामले की जानकारी स्थानीय प्रशासन तक पहुंचाई गई।
पुलिस की सतर्कता पर उठे सवाल
घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर पुलिस चौकी होने के बावजूद अपराधियों का इस तरह खदान में प्रवेश कर वारदात को अंजाम देना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आने से खदान कर्मियों के बीच डर का माहौल बन गया है। कई कर्मचारी अब अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और ड्यूटी के दौरान असहज महसूस कर रहे हैं।
जल आपूर्ति पर भी मंडरा रहा असर
बताया जा रहा है कि चोरी किए गए केबल का उपयोग जल आपूर्ति व्यवस्था से भी जुड़ा हुआ था, जिससे आसपास के करीब 15 हजार लोगों पर इसका असर पड़ सकता है। यदि जल्द ही व्यवस्था बहाल नहीं की गई, तो इलाके में पानी की समस्या उत्पन्न हो सकती है। यह स्थिति प्रशासन के लिए अतिरिक्त चुनौती बन सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने खदान की सुरक्षा बढ़ाने की मांग उठाई है। प्रबंधन से अपेक्षा की जा रही है कि सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती सहित अन्य जरूरी कदम उठाए जाएं। अधिकारियों के मुताबिक, मामले की शिकायत दर्ज कर ली गई है और जांच शुरू कर दी गई है। इस वारदात ने एक बार फिर खदान क्षेत्रों में सुरक्षा की जरूरत को रेखांकित कर दिया है।