TerrorInvestigation – मुरादाबाद से पकड़ा आरोपी संदिग्ध फंडिंग और संपर्कों में घिरा
TerrorInvestigation – उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से गिरफ्तार किए गए आरोपी हारिश को लेकर जांच एजेंसियों की पड़ताल तेज हो गई है। एटीएस की शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि वह संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था और कथित तौर पर आतंकी नेटवर्क से जुड़ाव रखने के आरोपों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में उसके बैंक खाते में कुछ संदिग्ध स्रोतों से पैसे आने की जानकारी सामने आई है, जिससे जांच का दायरा और बढ़ गया है। फिलहाल एजेंसियां इस पूरे मामले को कई पहलुओं से खंगाल रही हैं।

पूछताछ में शुरू में बरकरार रखी चुप्पी
एटीएस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर जब विस्तृत पूछताछ शुरू की, तो शुरुआती दौर में उसने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया। वह खुद को निर्दोष बताता रहा और आरोपों को खारिज करता रहा। हालांकि, जब जांच अधिकारियों ने उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डाटा के आधार पर सवाल किए, तो उसके जवाबों में बदलाव नजर आया। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान उसने कुछ अहम जानकारियां साझा की हैं, जिनकी अब पुष्टि की जा रही है।
डिजिटल उपकरणों से मिले अहम सुराग
जांच एजेंसियों को आरोपी के लैपटॉप और मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। इन उपकरणों की जांच के दौरान कुछ ऐसे डिजिटल साक्ष्य सामने आए हैं, जो उसके संपर्कों और गतिविधियों की दिशा की ओर इशारा करते हैं। सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में यह स्वीकार किया है कि वह कुछ संदिग्ध लोगों के संपर्क में था। हालांकि, इन संपर्कों की प्रकृति और दायरे को लेकर अभी जांच जारी है और अधिकारी इस कड़ी को विस्तार से समझने की कोशिश कर रहे हैं।
गतिविधियों को लेकर पहले से था संदेह
एटीएस ने आरोपी के शैक्षणिक और सामाजिक दायरे में भी जांच की है। जानकारी जुटाने के लिए उन लोगों से पूछताछ की गई, जो उसके साथ पढ़ाई कर चुके हैं। पूछताछ में सामने आया कि उसकी गतिविधियां सामान्य से अलग थीं और वह अक्सर अपने काम में ही व्यस्त रहता था। कुछ लोगों ने यह भी बताया कि उसके पास बाहरी व्यक्तियों का आना-जाना लगा रहता था, जिससे संदेह और गहरा हुआ।
संपर्कों की पहचान और आमना-सामना की तैयारी
जांच एजेंसियों ने आरोपी से जुड़े कुछ अन्य लोगों की पहचान भी की है, जिनसे उसके संबंध होने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों की योजना है कि इन लोगों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाए, ताकि घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। यह प्रक्रिया आने वाले दिनों में पूरी की जा सकती है, जिससे जांच को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जांच जारी, कई पहलुओं पर फोकस
इस पूरे मामले में अभी कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। एजेंसियां वित्तीय लेनदेन, डिजिटल गतिविधियों और संभावित संपर्कों के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई कर रही हैं।



