उत्तराखण्ड

MurderCase – एंजेल चकमा केस में मुख्य आरोपी की तलाश पर नई अड़चन

MurderCase – एंजेल चकमा हत्याकांड में फरार मुख्य आरोपी यज्ञ राज अवस्थी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया अब और जटिल होती नजर आ रही है। नेपाल में उसकी तलाश के लिए शुरू की गई ब्लू कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कुछ महत्वपूर्ण आपत्तियां दर्ज की हैं। इन आपत्तियों के चलते मामले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई फिलहाल धीमी पड़ गई है, जिससे जांच एजेंसियों की चुनौती बढ़ गई है।

सीबीआई ने मांगी विस्तृत जानकारी

सीबीआई ने इस मामले में पुलिस से आरोपी की भूमिका को लेकर विस्तृत विवरण देने को कहा है। जानकारी के अनुसार, एजेंसी ने करीब 1600 शब्दों में आरोपी की व्यक्तिगत संलिप्तता, घटना के समय की स्थिति और उसके इरादे से जुड़ी स्पष्ट जानकारी मांगी है। इसके अलावा, मामले के पंजीकरण और घटना से जुड़े अन्य तकनीकी पहलुओं को भी स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। यह प्रक्रिया इंटरपोल के माध्यम से आगे की कार्रवाई के लिए जरूरी मानी जाती है।

घटना की पृष्ठभूमि

यह मामला 9 दिसंबर 2025 का है, जब सेलाकुई क्षेत्र में दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। इस विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एंजेल चकमा और उनके भाई माइकल चकमा पर छह लोगों ने हमला कर दिया। हमले में एंजेल को गंभीर चोटें आईं, खासतौर पर गर्दन के पास। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान 26 दिसंबर को उनकी मौत हो गई।

मामले में धाराएं बदली गईं

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि, एंजेल की मौत के बाद मामले की धाराओं को संशोधित कर हत्या में बदल दिया गया। इसके बाद जांच को तेज करते हुए पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल थे। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी अदालत में दाखिल की जा चुकी है।

मुख्य आरोपी अब भी फरार

इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी यज्ञ राज अवस्थी शुरुआत से ही पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। घटना के कुछ समय बाद ही वह नेपाल भाग गया था, जिसके बाद से उसकी तलाश जारी है। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया शुरू की, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी लोकेशन ट्रैक की जा सके।

तीन महीने बाद भी नहीं मिली सफलता

घटना को करीब तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक मुख्य आरोपी तक नहीं पहुंच सकी है। जांच की प्रक्रिया कागजी स्तर पर भी पूरी तरह आगे नहीं बढ़ पाई है। इंटरपोल के माध्यम से नेपाल तक मामला भेजने में अभी और समय लग सकता है, जिससे गिरफ्तारी में देरी की संभावना बनी हुई है।

जवाब तैयार करने में जुटी पुलिस

प्रेमनगर क्षेत्र के सीओ विवेक कुटियाल के अनुसार, सीबीआई द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी समानांतर रूप से आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस जल्द ही सभी आवश्यक जानकारियां भारतपोल पोर्टल पर अपलोड करेगी, ताकि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा सके।

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