Sunday , January 20 2019
Loading...
Breaking News

लेख

ज्ञान के दरवाजे खुले रहें

अनुज लुगुन पाब्लो नेरुदा की कविता है- ‘अगर पीला रंग खत्म हो जाये ध् तो हम किससे बनायेंगे रोटी?’ यह कविता बाल सुलभ मासूमियत से लिखी गयी है. अपने जीवन के अंतिम समय में लिखी गयी नेरुदा की इस तरह की कविताएं न तो काव्यशास्त्रीय मानकों को स्थापित करने के ...

Read More »

गड़करी जी का सत्य वचन, नौकरी है कहाॅ

प्रेम शर्मा निश्चित तौर पर यह बाॅत सौ फीसदी सत्य है कि अब नौकरी जनसंख्या के अनुपात में ऊट के मुंह में जीरा की तरह है। इसी लिए नौकरी की मारामारी मची है। यह स्थिति मोदी सरकार के कार्यकाल की देन नही बल्कि पिछले तीस सालों से नौकरी की मारामारी ...

Read More »

हां! यह अघोषित इमरजेंसी है

राजेंद्र शर्मा हिंदी के एक प्रमुख खबरिया चैनल, एबीपी न्यूज में जो कुछ हुआ है, उसे तख्तापलट कहा जा सकता है या नहीं इस पर तो बहस हो सकती है। लेकिन, इतना तय है कि जो हुआ है और जिस तरह से हुआ है, न सिर्फ असाधारण है बल्कि डराने ...

Read More »

हिंसा को पराजित करना होगा

सीताराम येचुरी शुक्रवार, 20 जुलाई को जब मोदी सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के अंत में प्रधानमंत्री मोदी अपना डेढ़ घंटा लंबा भाषण दे रहे थे, उधर राजस्थान के अलवर जिले में अकबर खान गो-तस्करी के आरोप में भीड़ की हिंसा द्वारा मौत के घाट उतारा जा रहा ...

Read More »

देश में अशांति, विदेश में गोदान

मृणाल पांडे ग्रुप सीनियर एडिटोरियल एडवाइजर, नेशनल हेराल्ड पूर्वोत्तर में लगता है एक बार फिर बंगाली और बांग्लादेशी बनाम असमिया तनाव गहरा रहा है और डर है कि कहीं उसकी परिणति पूर्वी राज्यों में एक रक्तरंजित गृहयुद्ध में न बदल जाये! 1960 में भी ब्रह्मपुत्र की घाटी में बंगालियों तथा ...

Read More »

चीन से बढ़ता आयात भारत के लिए खतरा

प्रेम शर्मा भारत में नीति बनाने वालों के लिए चीन से डोकलाम विवाद अकेला सिरदर्द नहीं है। जिस तरह से चीनी वस्तुओं का प्रयोग हिन्दुस्तान में तेजी से बढ़ा और चीन के लिए सबसे बड़ा व्यापारिक केन्द्र भारत बना है। वह एक खतरे का संकेत दे रहा है। समय रहते ...

Read More »

कप्तान से वजीरे आजम तक

पाकिस्तान के 71 साल के इतिहास में राजनैतिक उठापटक का लंबा दौर रहा है। कई बार सैन्य तानाशाही रही, लोकतांत्रिक सरकारों को तख्तापलट के षड्यंत्र का शिकार बनना पड़ा। राजनैतिक हत्याएं हुईं और दिग्गज नेताओं को नजरबंदी, निर्वासन आदि से गुजरना पड़ा। सेना, आईएसआई और चरमपंथी संगठनों ने हमेशा कोशिश ...

Read More »

लोकगीतों का महीना है सावन

चंदन तिवारी, लोक गायिका आज से सृष्टि,स्त्री और प्रóति का महीना सावन शुरू हो रहा है. इसे लोकगीतों का महीना भी कहते हैं. लोकगीतों की ॰ष्टि से देखें तो कोई एक महीना ऐसा नहीं है, जिसमें इतने तरीके के गीत गाये जाने का चलन रहा हो. गुणी-ज्ञानीजन तो यह भी ...

Read More »

मध्यप्रदे-रु39या में कायम है कांग्रेस की गुटबाजी

जावेद अनीस कमलनाथ और ज्योतिरादित्य राव सिंधिया जैसे हाई प्रोफाईल नेताओं को कमान मिलने के बाद ये उम्मीद की जा रही थी कि पार्टी के विभिन्न गुट और क्षत्रप आपस में उल-हजयने के बजाय मिलजुल कर पंद्रह साल से हुकूमत कर रही भाजपा के सामने चुनौती पे-रु39या करेंगे। अंदरूनी बदलाव ...

Read More »

किसानों की आय में वृद्धि के बिना कैसे ब-सजय़ेंगे उद्योग-ंउचयधंधे

सुरेंद्र कि-रु39याोर , राजनीतिक वि-रु39यले-ुनवजयाक मनमोहन सिंह सरकार ने सन 2010 में धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 50 रुपये ब-सजय़ा दिये थे. उस सरकार ने 2008 के लिए 155 रुपये कर दिये थे. उनकी सरकार ने 2012-ंउचय13 के लिए 170 रुपये ब-सजय़ाये. याद रहे कि 2009 में लोकसभा चुनाव ...

Read More »