Loading...
Breaking News

लेख

मुस्लिम जनसंख्या का चिन्ताजनक विस्फोट

डा. राधेश्याम द्विवेदी 2 प्रतिशत तक की आवादी :-प्रायः यह देखा गया है कि मुस्लिम आवादी के घनत्व के हिसाब से अपनी अलग अलग स्थिति व रुतवा बना लेते हैं। जब किसी भी देश,प्रदेश या क्षेत्र में  इन मुस्लिमों की आवादी लगभग 2 प्रतिशत के आसपास होती है तब वे ...

Read More »

विश्व नदी दिवस मनाया गया

डा. राधेश्याम द्विवेदी विश्व नदी दिवस प्रतिवर्ष सितम्बर के अन्तिम रविवार को मनाया जाता है। अभी हाल ही में 24 सितम्बर 2017 को भारत सहित विश्व के अनेक क्षेत्रों में यह पूरी श्रद्धा के साथ परम्परागत रुप में मनाया गया है। आगामी वर्ष 2018 में 30 सितम्बर को, 2019 में ...

Read More »

युग पुरुष पंडित दीनदयाल उपाध्याय

डा. राधेश्याम द्विवेदी विशुद्ध भारतीय मनीषी :-  पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक भारतीय विचारक, अर्थ शास़्त्री ,समाज शास़्त्री इतिहासकार और पत्रकार थे. उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के निर्माण में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई और भारतीय जनसंघ (वर्तमान, भारतीय जनता पार्टी) के अध्यक्ष भी बने. उनका उद्देश्य स्वतंत्रता की पुर्नरचना के प्रयासों के लिए ...

Read More »

आतंकी रोहिग्यां को मोहरा बना सकते हैं

डा. राधेश्याम द्विवेदी गरीबी-बदहाली के बावजूद भारत बांग्लादेश सहित अनेक देशों के लिए खतरा :- रोहिंग्या मुसलमानों का अवैध रूप से कई देशों में रहना अन्तरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मसला है। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा था कि करीब 4,20,000 रोहिंग्या मुसलमानों को म्यांमार को वापस लेना होगा। ...

Read More »

बस्ती को बिकसित बनाने के राह में रोड़ा: सामंजस्य का अभाव

डा. राधेश्याम द्विवेदी बस्तीका इतिहासः- प्राचीन काल में बस्ती के चारों ओर कोशल देश का हुआ करता था। शतपथ ब्राह्मण के एक सूत्र में इसका उल्लेख हुआ है। राम के बडे पुत्र कुश को कोशल अयोध्या तथा छोटे पुत्र लव को श्रावस्ती का भार दिया गया था लक्ष्मण के पुत्र ...

Read More »

भारत को विकसित देश ना बनने देने की विदेशी शक्तियों की साजिस

डा. राधेश्याम द्विवेदी विकास की तीन श्रेणियां :- विकसित या औद्योगिक देश, उन देश को कहा जाता है जिनका कुछ मानकों के अनुसार उच्च विकास दर होता है। इसमें अक्सर आर्थिक मानकों को शामिल किया जाता है। जिन देशों का प्रति व्यक्ति आय या प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद ज्यादा है वो विकसित या ...

Read More »

भारत म्यमार से कुछ तो सबक ले

डा. राधेश्याम द्विवेदी बौद्ध देश बर्मा:- भारतीय उप महाद्वीप में एक छोटा सा देश बर्मा (म्यांमार) है। यह कभी भारत का ही अंग हुआ करता था। इसे अंतर्राष्ट्रीय नक्शे में देखने के लिए माइक्रोस्कोप की भी जरूरत पड़ सकती है। भारत की सर जमीन से निकला बौद्ध धर्म चीन और ...

Read More »

समाजिक व प्राकृतिक संतुलन के लिए पितृ पक्ष का आयोजन

डा. राधेश्याम द्विवेदी जेठ-आषाढ़ की भीषण गर्मी और बरसात के सावन-भादौ महीनों में अतिवृष्टि होने से मानव परिवेश तथा पर्यावरण में काफी परिवर्तन व बदलाव देखने को मिलता है। इसे संतुलित एवं सामान्य करने के लिए हमारे पूर्वजों एवं मनीषियों ने अश्विन (क्वार) मास में दो महत्वपूर्ण एवं शोधपरक पक्ष ...

Read More »

भारत में खानाबदोश बाबरिया गिरोह के अपराधिक चरित्र

डा. राधेश्याम द्विवेदी उपेक्षित खानाबदोश जातियों के दो प्रमुख वर्ग:- उपेक्षित खानाबदोश जातियों को 2 वर्गा में बाँट सकते हैं – 1.धुमक्कड.-व्यवसायी जातियाँ :- गडोलिया लुहार, बालदिया एवं बनजारा गाड़ोलिया आदि। लुहार मूलत: लुहार नामक शिल्पी जाति की एक शाखा रहे हैं। इनका कार्य मुख्यत: लौह-धातु के कृषि उपकरणों का ...

Read More »

भारत में न्यायिक प्रणाली, समस्याएं और सुधार

एडवोकेट डा. राधेश्याम द्विवेदी लोकतांत्रिक भारत सरकार की तीन स्वतंत्र शाखाएं हैं – कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका। भारतीय न्यायिक प्रणाली अंग्रेजों ने औपनिवेशिक शासन के दौरान बनाई थी। इसको आम कानून व्यवस्था के रुप में जाना जाता है जिसमें न्यायाधीश अपने फैसलों, आदेशों और निर्णयों से कानून का विकास करते ...

Read More »