Loading...

लेख

डा. राजेंद्र प्रसाद को प्रताड़ित होना पड़ा था

डा. राधेश्याम द्विवेदी बस्ती जिले से भी सम्बन्ध :-भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का बस्ती जिले से भी सम्बन्ध देखा गया है। उनका जन्म 3 दिसम्बर, 1884 को बिहार के जिला सिवान के एक गाँव जीरादेई में  हुआ था। वे भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से ...

Read More »

प्रकृति-पर्यावरण को समर्पित बाल सोम गौतम कृत तरुमंगल लघुकाव्य

प्रस्तुति डा. राधेश्याम द्विवेदी स्व.बाल सोम गौतम का जन्म श्रावण शुक्ला द्वितीया संवत 1985 विक्रमी/1 दिसम्बर 1929 ई., उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के सल्टौआ गोपालपुर व्लाक के खुटहन नामक गांव के एक कुलीन परिवार में हुआ था। उनकी ससुराल टिनिच के पास शिवपुर में है और वे वहां भी ...

Read More »

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन सुरक्षित और सही

डा. राधेश्याम द्विवेदी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यूं तो कभी विवादों से मुक्त नहीं रही लेकिन भारत के चुनाव आयोग ने हमेशा इसे सुरक्षित और सही माना.भारत की जनता भी चुनाव आयोग से सहमत है. यदा-कदा राजनेता चुनावों में ईवीएम के ख़िलाफ़ बोलते रहे हैं लेकिन किसी बड़ी राष्ट्रीय पार्टी ने ...

Read More »

श्रीमती कमला द्विवेदी की प्रेरक जीवन यात्रा जो गांवों में नई चेतना जागृत की

श्रीमती कमला द्विवेदी का नाम पहले कमला देवी था। जो राष्ट्रपति शिक्षा पुरस्कार प्राप्त बस्ती जनपद के महान साहित्यकार व जनता इन्टर मीडिएट कालेज नगर बाजार के पूर्व प्राचार्य स्व. डा. मुनिलाल उपाध्याय सरस की सुपुत्री हैं। उनका स्थाई निवास ग्राम सीतारामपुर पो. पोखरनी , नगर बाजार बस्ती था। कमला ...

Read More »

बाल सोम गौतम की जयन्ती के अवसर पर उनकी कुछ स्मृतियां

डा. राधेश्याम द्विवेदी स्व. बाल सोम गौतम का जन्म श्रावण शुक्ला द्वितीया संवत 1985 विक्रमी/1 दिसम्बर 1929 ई., उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के सल्टौआ गोपालपुर व्लाक के खुटहन नामक गांव के एक कुलीन परिवार में हुआ था। उनकी ससुराल टिनिच के पास शिवपुर में है और वे वहां भी ...

Read More »

26/11 मुंबई हमले की 9वीं बरसी

डा. राधेश्याम द्विवेदी  26 नवंबर, 2008 की रात करीब 9.50 बजे शुरू मुंबई के मशहूर होटलों के समीप तथा कई अन्य प्रमुख जगहों पर कुछ समय के अंतराल में हुए दर्जन भर शृंखलाबद्ध विस्फोट और गोलीबारी हमले में कुल 237 लोग मारे गए थे एवं 300 से ज्यादा घायल हुए ...

Read More »

कर्मों का फल

डा. राधेश्याम द्विवेदी अध्यात्म विषयक इस आलेख के आलोक में कृपया चिंतन मनन तथा परिपालन करें. संसार के प्रत्येक प्राणी को अपने तथा पूर्वजों के कर्मों का फल भोगना ही पड़ता है। इससे मुक्ति कभी नहीं मिलती है। यह बात और है कि किस कर्म का फल कब मिलता है। ...

Read More »

जंगली पशु खेती-किसानी की एक बहुत बड़ी बाधाएं

डा. राधेश्याम द्विवेदी जंगली सुअर (Sus scrofa) या वाराह, सुअर की एक प्रजाति है। यह मध्य यूरोप, भूमध्य सागर क्षेत्र (उत्तरी अफ्रीका, एटलस पर्वत) सहित एशिया में इंडोनेशिया तक के क्षेत्रों का मूल निवासी है। हिन्दू धर्म में भगवान  विष्णु ने दशावतार में से एक अवतार वराहावतार में इस पशु के रूप में ही अवतरण कर पृथ्वीको पाताल से बाहर निकाला था। सूअर (Pig) आर्टियोडेक्टिला गण (Order Artiodactyla) के सुइडी कुल (family Suidae) के ...

Read More »

क्या उत्तर प्रदेश में विद्युत व्यवस्था में सुधार सम्भव है

डा. राधेश्याम द्विवेदी दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना का परिचय :- (डीडीयूजीजेवाई) भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और गैर-कृषि उपभोक्ताओं को विवेकपूर्ण तरीके से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना के उद्देश्य से 20 नवंबर, 2014 को प्रारंभ की गई। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रीमंडल की बैठक में यह निर्णय ...

Read More »

नदियों को जोड़ने का इंटरलिंकिंग परियोजना

डा. राधेश्याम द्विवेदी परियोजना की अवधारणा:- हमारी नदियों का काफी पानी समुद्र में चला जाता है और उसे यदि रोक लिया गया तो पानी की प्रचुरता वाली नदियों से पानी की कमी वाले क्षेत्रों में पानी पहुंचाया जा सकेगा, जिससे देश के हरेक भाग में हर किसी को समुचित जलापूर्ति ...

Read More »