Tuesday , April 24 2018
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दिल्ली के इस मार्ग से है इजरायल का खास रिश्ता

नई दिल्लीः रविवार को 6 दिवसीय यात्रा पर हिंदुस्तान पहुंचे इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने दौरे की आरंभ तीन मूर्ति मार्ग पहुंच शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ की नेतन्याहू ने अपनी पत्नी सारा के साथ तीन मूर्ति मार्ग पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी इजरायली पीएम ने विजिटर्स बुक पर हस्ताक्षर किए बता दें कि इजरायल के पीएम की हिंदुस्तान यात्रा से पहले तीन मूर्ति चौक का नाम बदलकर तीन मूर्ति हाइफा चौक  तीन मूर्ति मार्ग का नाम बदलकर तीन मूर्ति हाइफा मार्ग किया गया है

तीन मूर्ति का इजरायल से रिश्ता
राजधानी दिल्ली के तीन मूर्ति मार्ग पर जो तीन कांस्य मूर्तियां लगी हुई हैं वह हैदराबाद, जोधपुर  मैसूर लांसर्स का प्रतिनिधित्व करती हैं यह सभी 15 इम्पीरियल सर्विस कैवलरी ब्रिगेड का भाग माने जाते हैं इतिहास के पन्नों को पलटकर देखें तो पता चलेगा कि प्रथम विश्व युद्ध के दौरान 23 सितंबर 1918 में इस बिग्रेड ने हाइफा पर विजयी हमला किया था इस हमले को विजयी हमला इसलिए बोला गया क्योंकि मुस्लिम तुर्कों से फिलिस्तीनी नागरिकों को आजाद कराने के लिए हिंदुस्तान के तीन राज्य (जोधपुर, हैदराबाद  मैसूर) से इजरायल सैनिकों को भेजा गया था इजरायल की मदद करते हुए इंडियन सैनिकों ने हाइफा शहर में जंग लड़ी थी

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हाइफा के शहर पर रखा गया नाम
बताते चलें कि पिछले साल इजरायल की यात्रा पर जाने से पहले पीएम मोदी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री CM अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई काउंसिल की मीटिंग में तीन मूर्ति चौक  तीन मूर्ति मार्ग का नाम बदलकर दिया गया था इनमें इजरायल के शहर हैफा का नाम जोड़ा गया था तब से यह मार्ग तीन मूर्ति हैफा चौक  तीन मूर्ति हैफा मार्ग के नाम से जाना जा रहा है

23 सितंबर को हाइफा दिवस
23 सितंबर को हुए युद्ध में इंडियन सेना के 44 जवान शहीद हो गए थे जवानों की शहादत को याद करते हुए हर वर्ष हाइफा में 61 कैवलरी 23 सितंबर को जयंती दिवस या ‘हाइफा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है वहीं, बात हिंदुस्तान  इजरायल के रिश्तों की जाए तो दोनों राष्ट्रों के बीच पिछले एक दशक में 670 अरब रुपये का कारोबार हुआ है 1990 से ही दोनों राष्ट्रों के बीच सैन्य संबंध बेहद ही अहम रहे हैं इजरायल ने हिंदुस्तान को हथियार बेचने की मंशा से रिश्तों को मजबूत किया  सफल भी रहा

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