नौसेना को चाहिए ज्यादा सबमरीन कातिल बोइंग ‘पी-8आई’

भारतीय नौसेना को  ज्यादा सबमरीन कातिल कहे जाने वाले विमान बोइंग ’पी-8आई’ की आवश्यकता है. इससे समुद्र की निगरानी  शत्रु राष्ट्रों की पनडुब्बियों पर निगाह रखने में मदद मिलेगी. नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने इंडिया स्ट्रैटेजिक पत्रिका को दिए साक्षात्कार में यह बात कही है.

एडमिरल लांबा ने कहा, हवाई निगरानी नौसेना आपरेशनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने यह खुलासा नहीं किया कि नौसेना को कितने विमानों की आवश्यकता है. हालांकि उनके पूर्ववर्ती नौसेना प्रमुखों ने 30 लंबी दूरी के समुद्री विमानों की आवश्यकता की बात कही थी. इसमें से आठ विमान इंडियन नौसेना को मिल चुके हैं  चार अन्य का आर्डर दिया जा चुका है.

विशेषज्ञों के मुताबिक नौसेना का आधुनिकीकरण लंबी प्रक्रिया है, जिसमें 30 वर्ष तक का वक्त लगता है. ऐसे में पनडुब्बियों को तुरंत नहीं बदला जा सकता है. पर पी-8आई दुश्मनों की पनडुब्बियों को खोजने  उन्हें समाप्त करने की तुरंत ताकत दे देगा.

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मुंबई हमले के बाद हुआ समझौता

26/11 मुंबई हमले के दो महीने बाद ही इंडियन नौसेना ने एक जनवरी, 2009 को 2.1 अरब डॉलर में आठ विमान खरीद का समझौता किया था. इंडियन नौसेना को 2013 में यह विमान मिला था, अच्छा उसी समय यह अमेरिका में तैनात हुआ था. अगस्त, 2016 में चार  विमान का आर्डर दिया गया.

सबसे अत्याधुनिक समुद्री विमान

पी-8आई हारपून एंटी शिप मिसाइल, एमके-54 टारपीडो  खोज और बचाव उपकरणों से लैस है.इसमें 360 डिग्री व्यू का रडार  पानी में छिपी पनडुब्बियों को खोजने के लिए मैगनेटिक एनोमली डिटेक्टर (एमएडी) लगा है.

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