J&K व हिंदुस्तान के अलग-अलग नक्शे दिखाने से बच्चों को क्या तालीम मिल रही है?

नई दिल्ली: सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार (12 जनवरी) को सवाल उठाया कि आखिर क्यों जम्मू व कश्मीर के स्कूलों में विद्यार्थियों को हिंदुस्तान  जम्मू व कश्मीर के अलग-अलग नक्शे के बारे में बताया जाता है सेना प्रमुख ने मीडिया से वार्ता में कहा, ‘जम्मू-कश्मीर के स्कूल में शिक्षक जो पढ़ा रहे हैं वह नहीं होना चाहिए  जम्मू-कश्मीर के स्कूलों में दो नक्शे देखें जा सकते हैं, एक हिंदुस्तान का  दूसरा जम्मू व कश्मीर का आखिर हमें जम्मू कश्मीर के लिए अलग से नक्शे की आवश्यकता क्यों पड़ी? इससे बच्चों को क्या तालीम मिल रही है ‘ इसके साथ ही उन्होंने सीमा पर चल रहे तनाव के मद्देनजर पाक  चाइना से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी   

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार (12 जनवरी) को बोला कि हिंदुस्तान अपने पड़ोसियों को उससे दूर होकर आक्रामक चाइना के करीब जाने की अनुमति नहीं दे सकता इसके साथ ही उन्होंने जोर दिया कि समय आ गया है कि हिंदुस्तान अपना ध्यान पश्चिमी सीमा से ज्यादा उत्तरी सीमा पर दे रावत ने बोला कि चाइना से निपटने की व्यापक रणनीति के एक हिस्से के तहत नेपाल, भूटान, म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका  अफगानिस्तान जैसे राष्ट्रों को अपने साथ रखना होगाउन्होंने बोला कि हिंदुस्तान को उन्हें समर्थन जारी रखने के लिए ‘पूरे मन से’ कोशिश करना होगा

चीन बना रहा है दबाव
रावत ने सेना दिवस के पहले मीडिया से वार्ता करते हुए स्वीकार किया कि चाइना सीमा पर हिंदुस्तान पर दबाव बना रहा है लेकिन उन्होंने जोर दिया कि इंडियन सेना पूर्वी सीमा पर किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह से सक्षम है उन्होंने कहा, ‘मैं समझता हूं कि हमें अपने पड़ोसियों को अपने से दूर नहीं जाने देना चाहिए, वे राष्ट्र नेपाल हों या भूटान, म्यांमार, बांग्लदेश, श्रीलंका या अफगानिस्तान इन राष्ट्रों को अपने साथ रखना होगा  मैं समझता हूं कि हमें यह सुनिश्चित करने के लिए हमें पूरा कोशिश करना होगा कि हम उन राष्ट्रों को समर्थन जारी रखें ’ मालदीव, नेपाल, श्रीलंका  म्यांमार सहित हिंदुस्तान के ऐसे पड़ोसी राष्ट्रों पर चाइना अपना असरबढ़ाने का कोशिश कर रहा है, जो पारंपरिक रूप से हिंदुस्तान के करीब रहे हैं

भारत बना रहा है चतुष्कोण

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रावत ने बोला कि हम अन्य देशों, एरिया में राष्ट्रों के समूह से समर्थन मांग रहे हैं ताकि हम आक्रामक चाइना के सामने एशिया में अलग थलग नहीं हो जाएं अगला कदम उठाया जा रहा है  इसलिए आप देखेंगे कि एक चतुष्कोण बन रहा है पिछले वर्ष नवंबर में भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया अमेरिका ने अपने साझा हितों को पूरा करने के लिए भारत-प्रशांत एरिया में एक चतुष्कोणीय साझेदारी के गठन के लिए कोशिश तेज किया था इस कदम को चीनी असर से मुकाबला के लिए कदम के तौर पर देखा जा रहा है उन्होंने बोला कि अन्य राष्ट्र जिस भी तरीके से हिंदुस्तान का समर्थन कर सकते हैं, वे आगे आ रहे हैं

दुश्मनों को जवाब देने के लिए तैयार
रावत ने बोला कि सैन्य स्तर पर, हम जानते हैं कि अगर चाइना से कोई खतरा है तो हमें इसके लिए तैयार रहना होगा उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि पाक से लगी पश्चिमी सीमा से ज्यादा ध्यान चाइना से लगी उत्तरी सीमा पर देने की आवश्यकता है उन्होंने कहा, ‘हम जानते हैं कि चाइनाएक शक्तिशाली राष्ट्र है लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हम कोई निर्बल राष्ट्र नहीं हैं हमें इतना चिंतित नहीं होना चाहिए हम स्थिति से निपट रहे हैं हम आश्वस्त हैं कि हम स्थिति से निपट सकेंगे ’

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भारतीय एरिया में घुसपैठ की इजाजत नहीं
रावत ने बोला कि चाइना उत्तरी डोकलाम में अपने सैनिकों को रखता रहा है उन्होंने बोला कि हिंदुस्तान राजनयिक वार्ता सहित विभिन्न स्तरों पर चाइना से निपट रहा है रावत ने स्वीकार किया कि कई सीमावर्ती इलाकों में चाइना दबाव डालता रहा है, लेकिन हिंदुस्तान ने यह सुनिश्चित किया कि स्थिति एक बिंदु से आगे नहीं बढ़े उन्होंने बोला कि हिंदुस्तान किसी को भी अपने एरियामें घुसपैठ या आक्रमण की अनुमति नहीं देगा जब कभी हमारे एरिया में घुसपैठ होती है, हम अपने एरिया की रक्षा करेंगे क्योंकि हमें यह आदेश मिला हुआ है

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