सुप्रीम न्यायालय ने दिलाया अनूठा तलाक

सुप्रीम न्यायालय ने अनूठी पहल करते हुए पति-पत्नी को तलाक तो दिला दिया, लेकिन दोनों को एक दूसरे की फोटोज़ सोशल मीडिया सहित अन्य मंचों पर साझा न करने की पाबंदी लगा दी. साथ ही पति को दो महीने के भीतर 37 लाख रुपये देने का आदेश दिया है.

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने बृहस्पतिवार को महिला के सम्मान और प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र के एक दंपती को तलाक की मंजूरी तो दी, लेकिन एक-दूसरे की फोटो के किसी भी मंच पर प्रयोग करने पर पाबंदी लगा दी. महिला की ओर से पेश एडवोकेट दुष्यंत पराशर ने पीठ से गुहार लगाई थी कि भविष्य में पति को पत्नी की फोटो का प्रयोग न करने पर रोक लगाई जाए.

यह भी पढ़ें:   भक्त पत्नी को कहते थे 'बहन',बने समलैंगिक दबाव था राम रहीम का
Loading...
loading...

पति-पत्नी अच्छे परिवार से हैं  दोनों ही अच्छी जॉब कर रहे हैं. इन दोनों की विवाह साल 2013 में बड़ी धूमधाम से हुई थी, लेकिन विवाह के बाद से ही दोनों में मनमुटाव रहने लगा. मनमुटाव इस कदर बढ़ा कि विवाह के दो महीने बाद ही दोनों अलग-अलग रहने लगे. इसके बाद पति-पत्नी ने एक दूसरे पर मुकदमों की झड़ी लगा दी. दोनों ने एक-दूसरे पर 18 मुकदमे किए, जिनमें दीवानी आपराधिक मामले हैं. पति पर सूचना एवं प्रौद्योगिकी कानून सहित अन्य मुकदमे भी दर्ज थे. पीठ ने बृहस्पतिवार को उनकी अर्जी को स्वीकार करते हुए सभी एफआईआर  मुकदमे को निरस्त करने का आदेश दिया.

Click Here
पढ़े और खबरें
Visit on Our Website
यह भी पढ़ें:   गुजरात: छह पोलिंग स्टेशन पर फिर हो रही वोटिंग, जिग्नेश मेवानी की सीट भी शामिल
Loading...
loading...