Year Ender 2017: उत्तर प्रदेश में BJP को मिला राज

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की पॉलिटिक्स में 2017 का वर्ष बहुत उठा-पटक वाला रहा एक तरफ जहां रहा तो दूसरी तरफ बसपा, सपा  कांग्रेस पार्टी के लिए एक बुरे सपने की तरह बीता नए वर्ष की आरंभ से अच्छा पहले गुजरते वर्ष की उन यादों को सहेजना बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है वर्ष 2017 यूपी की पॉलिटिक्स के हिसाब से बहुत ज्यादारोचक रहा एक तरफ जहां बीजेपी का सत्ता से दूरी यानी ‘वनवास’ समाप्त हुआ तो पूर्व CM अखिलेश यादव के लिए यह वर्ष बुरे सपनों से भरा रहा पार्टी में कलह का खामियाजा उन्हें विधानसभा चुनाव में उठाना पड़ा नयीगवर्नमेंट के CM योगी आदित्यनाथ बने, तो उनके सामने बहुत ज्यादा चुनौतियां हैं

एक तरफ जहां उनके भीतर उत्तर प्रदेश में विकास को लेकर छटपटाहट दिखाई दे रही है, वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश में अधिक से अधिक लोकसभा सीटें जितवाने का दबाव भी रहेगा गुजरते वर्ष में सत्ता संभालने वाली योगी गवर्नमेंट यदि शुरुआती महीनों में किसानों की कर्जमाफी को लेकर फिक्रमंद रही तो साल की दूसरी छमाही में वह यूपी पर लगे औद्योगिक पिछड़ेपन के दाग को धोने के लिए कृतसंकल्प दिखी

इस वर्ष उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे आए  इस चुनाव ने उत्तर प्रदेश की राजनीतिक को बदल दियाहासिल की उत्तर प्रदेश की सत्ता में वर्षों से काबिज सपा  बीएसपी का सफाया हो गया भाजपा ने पहली बार 325 सीटें हासिल की समाजवादी पार्टी दूसरे नंबर पर रही सपा ने 47 सीटों पर जीत हासिल की, वहीं मायावती की बसपा ने 19 सीटों पर जीत का परचम लहराया जबकि 2012 के चुनाव में सपा को 224, बीएसपी को 80 बीजेपी को मात्र 47 सीटें मिली थीं

सपा में कलह : समाजवादी पार्टी के लिए वर्ष 2017 कुछ अच्छा नहीं रहा इसी वर्ष चुनाव के दौरान सपा परिवार में कलह  मनमुटाव की खबरों ने सुर्खियां बटोरी थी इसका प्रभाव चुनाव नतीजों पर दिखा अखिलेश यादव  सपा के पूर्व मुखिया-अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव के बीच बहुत ज्यादा समय तक खींचतान चलती रहीमुलायम के अध्यक्ष पद को लेकर  पार्टी के चुनाव चिन्ह को लेकर भी बहुत ज्यादा समय तक विवाद चलती रही, आखिरकार निर्वाचन आयोग ने सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश को माना  उन्हें ही चुनाव चिन्ह दिया

अध्यक्ष बने अखिलेश : एक जनवरी, 2017 को जनेश्वर मिश्र पार्क में समाजवादी पार्टी का सम्मलेन हुआ, जिसमें अखिलेश यादव को सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया मुलायम को सपा का संरक्षक बनाए जाने का ऐलान किया गया परिवार में चल रहे टकराव के बीच इस प्रोग्राम में शिवपाल सिंह यादव को पार्टी में कोई स्थान नहीं दी गई

कांग्रेस-सपा की नयी दोस्ती : जनवरी के दूसरे पखवाड़े  फरवरी में राज्य में विधानसभा चुनाव की गतिविधियां तेज होने के साथ सपा अध्यक्ष अखिलेश ने कांग्रेस पार्टी से साझेदारी कर उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने का ऐलान किया अखिलेश ने लखनऊ में कांग्रेस पार्टी नेता राहुल गांधी के साथ रोड शो किया सीटों के बंटवारे में कांग्रेस पार्टी को 100 सीटें मिलीं, जबकि सपा ने 301 सीटों पर अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे योगी आदित्यनाथ 18 मार्च को बीजेपी विधायक दल के नेता चुने गए 19 मार्च को पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में योगी ने CM पद की शपथ ली करीब डेढ़ दशक बाद बीजेपी उत्तर प्रदेश की सत्ता में लौटी है

यह भी पढ़ें:   ताजपोशी पर बोलीं सोनिया- राहुल की सहनशीलता पर गर्व, पढ़ें पूरा भाषण
Loading...
loading...

निवेश की चुनौतियां : सूबे के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने आईएएनएस से वार्ता में बोला कि उप्र ने पिछले 15 सालों में करप्शन ही दिखाई दिया है साल 2017 में हुए राजनीतिक परिवर्तन के बाद जनता में भरोसा जगा है नयी गवर्नमेंट के 9 महीने के कामकाज ने यह साबित किया है कि हम उप्र को विकास की नयी ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं

दरअसल, प्रदेश में निवेश जुटाने  रोजगार बढ़ाने के लिए CM योगी आदित्यनाथ की अगुआई में जो व्यूह रचना प्रारम्भ हुई, वर्ष बीतते-बीतते उसने अगले साल फरवरी में प्रस्तावित उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट की परिकल्पना को जन्म दिया इन्वेस्टर्स समिट के जरिये गवर्नमेंट ने एक लाख करोड़ रुपये का निवेश जुटाने का लक्ष्य तय किया है

सत्ता संभालते ही योगी गवर्नमेंट निवेश जुटाने के लिए अच्छा नीति का ताना-बाना बुनने में जुट गई थी, जो जुलाई में उप्र औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017 की शक्ल में सामने आई औद्योगिक निवेश नीति को अमली जामा पहनाने के लिए नियमावली तैयार करने में जरूर कुछ वक्त लगा, लेकिन नवंबर में यह कार्य भी पूरा हो गया इसी कड़ी में विभिन्न सेक्टरों में निवेश आकर्षित करने के लिए नागरिक उड्डयन प्रोत्साहन नीति, उप्र खाद्य प्रसंस्करण नीति, उप्र आईटी एवं स्टार्टअप नीति  उप्र इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति को मंजूरी दी गई

इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति के तहत नोएडा, ग्रेटर नोएडा  यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण क्षेत्रों को इलेक्ट्रानिक्स मैन्यूफैक्चरिंग जोन घोषित किया गया है वर्ष बीतने से पहले गवर्नमेंट छोटे और मझोले उद्योगों के साथ हथकरघा  कपड़ा उद्योग की बढ़ावा देने के लिए भी नीतियां बनाने में सफल हुई उद्योगों की स्थापना के इच्छुक उद्यमियों की राह में कदम-कदम पर रोड़े अटकाने के लिए कुख्यात सरकारी विभागों का ढर्रा बदलने के लिए गवर्नमेंट का फोकस उद्यमियों को कारोबार करने में सहूलियतें देने पर भी रहा

उद्यमियों को संबंधित विभागों से अनापत्तियां, स्वीकृतियां जारी करने के लिए एकल खिड़की (सिंगल विंडो) व्यवस्था को चाक-चौबंद करने पर भी गवर्नमेंट ने जोर दिया सिंगल विंडो का संचालन CM ऑफिस की देखरेख में करने की पहल हुई हालांकि सिंगल विंडो की सार्थकता को लेकर उद्यमियों की शिकायतें  शंकाएं बरकरार हैं

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड का गठन हुआ निवेश को बढ़ावा देने  राज्य में उद्योगों की स्थापना के लिए तेजी से फैसला लेने के मकसद से गठित इस बोर्ड में उद्योग जगत को भी प्रतिनिधित्व मिला, ताकि उद्यमियों के दृष्टिकोण को भी बेहतर तरीके से समझा जा सके सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से CM ने राष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई में राज्य गवर्नमेंट की ओर से आयोजित रोड शो में शिरकत की किसानों की कर्जमाफी के कारण आर्थिक तंगी का शिकार गवर्नमेंट की बहुत ज्यादा ऊर्जा पूर्वाचल एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए भूमि अर्जित करने  उसके निर्माण के लिए संसाधन का जुगाड़ करने में खर्च हुई पूर्वाचल एक्सप्रेसवे के साथ ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए केंद्र गवर्नमेंट से भी योगदान की पहल की गई

Click Here
पढ़े और खबरें
Visit on Our Website
यह भी पढ़ें:   तस्लीमा नसरीन ने कहा: पाकिस्तान, बांग्लादेश के मुकाबले भारत में बेहतर है धार्मिक अल्पसंख्यकों की हालत : तस्लीमा
Loading...
loading...