झील से बाहर आया पुल, लोगों ने राहत की ली सांस

उत्तरकाशी: टिहरी बांध की झील में चार महीनों तक डूबे देवीसौड़ पुल के झील से बहार आने के बाद गुरुवार से पुल से लोगों ने आवाजाही शुरू कर दी। इससे दिचलि-गमरी के 42 गांवों के प्रभावितों ने राहत की सांस ली।

झील से बाहर आया पुल, लोगों ने राहत की सांस ली; जानिए कैसे

गौरतलब है कि टिहरी बांध की झील का लेवल 815 मीटर पहुंचने पर दिचलि-गमरी को चिन्यालीसौड़ मुख्यालय से सीधे जोड़ने वाले एकमात्र देवीसौड़ पुल झील में समा जाता है। इस दौरान गमरी-दिचलि के 42 गांव के हजारों ग्रामीणों को चिन्यालीसौड़ तक मोटर बोट और 17 किमी अतिरिक्त वाया धरासू चिन्यालीसौड़ आना पडता हैं

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देवीसौड़ पुल इस साल 24 अगस्त को झील में समा गया था और गुरुवार को झील का लेवल 815 मीटर से नीचे आने पर प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों ने आवाजाही शुरू कर दी। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, पुल के 11 बार झील में डूबने से जर्जर हालत में है।

क्षेत्र पंचायत प्रमुख बिजेंद्र रावत, प्रधान पूनम रमोला, गुड्डी असवाल, खीमानंद बिजल्वाण ने लोकनिर्माण विभाग से लोगों की सुरक्षित आवाजाही के लिये पुल की मरम्मत की मांग की है।

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